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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पिछले एक महीने से पूरी दुनिया को दहला देने वाला मध्य पूर्व (Mid-East) का युद्ध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज राष्ट्र के नाम एक ऐतिहासिक संबोधन में घोषणा की है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) हो चुका है और अमेरिकी सेना जल्द ही वहां से वापस बुला ली जाएगी। ट्रंप का यह बयान 28 मार्च को हुए भीषण हमले के बाद आया है, जिसमें ईरान के शीर्ष नेतृत्व के सफाए का दावा किया गया था।

ट्रंप का 'एग्जिट प्लान' और कड़ी चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और वहां के 'कट्टरपंथी शासन' को खत्म करना था। उन्होंने कहा:

तख्तापलट का दावा: ट्रंप के अनुसार, ईरान में मौजूदा व्यवस्था ढह चुकी है और नए नेतृत्व ने युद्धविराम की अपील की है।

सेना की वापसी: अमेरिकी सैनिक बहुत जल्द ईरानी धरती से बाहर निकल जाएंगे। हालांकि, उन्होंने एक 'ओपन डोर' पॉलिसी भी रखी है— "अगर भविष्य में जरूरत पड़ी, तो हम फिर से लौटेंगे और सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई करेंगे।"

परमाणु शक्ति पर विराम: ट्रंप ने गर्व से कहा कि अब ईरान के पास परमाणु बम बनाने की क्षमता नहीं बची है।

नाटो सहयोगियों पर बरसे ट्रंप: "खुद लाओ अपना तेल"

इस युद्ध के दौरान ब्रिटेन (UK), फ्रांस और स्पेन जैसे नाटो सहयोगियों के असहयोग से ट्रंप बेहद नाराज दिखे। उन्होंने सहयोगियों को खरी-खरी सुनाते हुए कहा:

"जो देश आज तेल की किल्लत से रो रहे हैं, वे या तो सीधे अमेरिका से तेल खरीदें या फिर खुद हिम्मत दिखाकर होर्मुज जलडमरूमध्य से अपना जहाज निकालें। अमेरिका अब दूसरों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अकेले खून नहीं बहाएगा।"

28 मार्च का हमला और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी'

बता दें कि 28 मार्च 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों और नेतृत्व केंद्रों पर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था। हालांकि, ईरान ने अपने शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बावजूद ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई जारी रखी थी, जिससे युद्ध लंबा खिंचने के आसार थे। लेकिन ट्रंप की ताजा घोषणा ने वैश्विक बाजारों और कूटनीतिक गलियारों में शांति की उम्मीद जगा दी है।

क्या वाकई थम जाएगी जंग?

भले ही ट्रंप ने जीत और वापसी का ऐलान कर दिया है, लेकिन जमीन पर स्थिति अब भी संवेदनशील है:

होर्मुज जलडमरूमध्य: व्यापार के लिए यह मार्ग अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

ईरान की शर्तें: तेहरान ने संकेत दिया है कि वे युद्ध समाप्त करने को तैयार हैं, लेकिन वे अमेरिकी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने और अपनी संप्रभुता की गारंटी चाहते हैं।

नाटो का भविष्य: ट्रंप के बयानों से संकेत मिलता है कि अमेरिका अब नाटो (NATO) गठबंधन से अलग होने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।