Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय रेलवे के कायाकल्प अभियान के तहत बिहार के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र 'गया जंक्शन' को एक अत्याधुनिक ट्रांसपोर्ट हब में बदला जा रहा है। विश्वस्तरीय स्टेशन पुनर्विकास परियोजना (Station Redevelopment Project) के तहत यहाँ एक विशाल और भव्य कॉनकोर्स (Concourse) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यात्रियों को गया स्टेशन पर कदम रखते ही किसी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसा अहसास होगा।
क्या है 'कॉनकोर्स' और यात्रियों को इससे क्या होगा फायदा?
रेलवे स्टेशन पर 'कॉनकोर्स' एक ऐसा विशाल केंद्रीय क्षेत्र होता है, जो सभी प्लेटफॉर्मों के ऊपर बना होता है। गया जंक्शन पर बन रहा यह कॉनकोर्स करीब 85 मीटर लंबा और 80 मीटर चौड़ा होगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों को आपस में जोड़ देगा।
सुगम आवागमन: यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने के लिए पारंपरिक संकरे पुलों (FOB) पर निर्भर नहीं रहना होगा।
वेटिंग लाउंज की सुविधा: यह पूरा हिस्सा पूरी तरह वातानुकूलित (AC) होगा, जहाँ आधुनिक लाउंज की तर्ज पर बैठने की विश्वस्तरीय व्यवस्था होगी। यात्री यहाँ आराम से अपनी ट्रेन का इंतजार कर सकेंगे।
वन-स्टॉप सेंटर: यात्रियों को खान-पान, डिजिटल सूचना और अन्य जरूरी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल जाएंगी।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गया जंक्शन को पूरी तरह 'बाधा मुक्त' (Barrier-Free) बनाया जा रहा है। कॉनकोर्स से प्लेटफॉर्म तक पहुँचने के लिए पर्याप्त संख्या में एस्केलेटर, लिफ्ट और सीढ़ियों की व्यवस्था की जा रही है। यह सुविधा विशेष रूप से उन बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी, जिन्हें भारी सामान के साथ प्लेटफॉर्म बदलने में कठिनाई होती थी।
डिजिटल इंडिया की झलक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आधुनिक गया जंक्शन पर यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई हाईटेक फीचर्स जोड़े जा रहे हैं:
डिजिटल सूचना प्रणाली: ट्रेनों की आवाजाही और कोच पोजीशन की सटीक जानकारी के लिए बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।
सुरक्षा और स्वच्छता: स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा और साफ-सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग होगा।
आधुनिक पहचान: यह प्रोजेक्ट न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि गयाजी की वैश्विक पहचान को भी मजबूती प्रदान करेगा।




