Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर देखा जाता है कि एयरलाइंस कंपनियां अपनी वेबसाइट और ऐप्स पर टिकट बुकिंग के दौरान ग्राहकों को लुभाने या मजबूर करने के लिए कई तरह की चालाकी भरी ट्रिक्स अपनाती हैं, जिन्हें तकनीकी भाषा में 'डार्क पैटर्न' (Dark Pattern) कहा जाता है। अब केंद्र सरकार ने इन एयरलाइंस की इस 'डार्क पैटर्न' वाली चालबाजी पर पूरी तरह से नकेल कसने की तैयारी कर ली है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्त तेवर अपनाते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे अब कंपनियों का मुनाफा कमाने का पुराना गणित पूरी तरह बिगड़ने वाला है।
क्या है 'डार्क पैटर्न' का मायाजाल और कैसे फंसता था ग्राहक
हवाई टिकट बुक करते समय अक्सर यूजर्स को 'सिर्फ 2 सीटें बची हैं' या '10 लोग अभी इस टिकट को देख रहे हैं' जैसे पॉप-अप मैसेज दिखाए जाते हैं। इसके अलावा, बिना पूछे इंश्योरेंस एड कर देना, पसंदीदा सीट चुनने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलना और कैंसिलेशन पॉलिसी को जटिल बनाना इसी डार्क पैटर्न का हिस्सा है। कई बार ग्राहक अनजाने में उन सेवाओं के लिए भी भुगतान कर देता है जिसकी उसे जरूरत नहीं होती। सरकार के नए नियमों के तहत अब एयरलाइंस को अपनी बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना होगा। किसी भी अतिरिक्त सेवा के लिए ग्राहक की स्पष्ट सहमति अनिवार्य कर दी गई है।
कंपनियों का बिगड़ेगा गणित, यात्रियों के बचेंगे हजारों रुपये
एयरलाइंस कंपनियों के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि उनकी कुल आय का एक बड़ा हिस्सा इन 'एंसिलरी सर्विसेज' (अतिरिक्त सेवाओं) से आता था। नए नियमों के लागू होने के बाद एयरलाइंस अब जबरन कोई सर्विस थोप नहीं पाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टिकट बुकिंग के दौरान होने वाली हिडन कॉस्ट (छिपी हुई लागत) में भारी कमी आएगी। अब कंपनियों को अपनी मार्केटिंग और सेल्स रणनीति में बड़े बदलाव करने होंगे, जिससे उनके रेवेन्यू मॉडल पर सीधा असर पड़ना तय है। खासकर बजट एयरलाइंस जो सस्ते टिकट का लालच देकर बाद में पैसे वसूलती थीं, उनके लिए अब राह आसान नहीं होगी।
पारदर्शिता पर जोर, नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और नागरिक उड्डयन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई एयरलाइन या ट्रैवल पोर्टल अभी भी ग्राहकों को गुमराह करने वाले इंटरफेस का इस्तेमाल करता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। नए नियमों के तहत टिकट कैंसिलेशन और रिफंड की प्रक्रिया को भी सरल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अब ग्राहकों को बुकिंग के समय ही ब्रेकअप के साथ पूरी कीमत दिखाई जाएगी, जिसमें बेस फेयर से लेकर टैक्स और अन्य चार्जेज का साफ उल्लेख होगा। इस कदम से न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि एविएशन सेक्टर में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलेगी।
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