Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप अगले दो-तीन दिनों में कहीं बाहर जाने या पिकनिक मनाने की योजना बना रहे हैं, तो रुक जाइए। उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक शक्तिशाली 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगाड़ दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 9 राज्यों में भारी बारिश, गरज के साथ तूफान और ओलावृष्टि की गंभीर चेतावनी जारी की है। 6 अप्रैल से शुरू होने वाला यह मौसमी बदलाव 9 अप्रैल तक जारी रहेगा, जिससे न केवल आम जनजीवन बल्कि किसानों की तैयार फसलों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
दिल्ली-NCR और यूपी-बिहार में कब होगी बारिश?
राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में 6 अप्रैल को आसमान साफ रहने के आसार हैं, लेकिन असली खेल 7 और 8 अप्रैल को शुरू होगा। मौसम विभाग के अनुसार, इन दो दिनों में दिल्ली में घने बादल छाए रहेंगे और तेज गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, झांसी और सहारनपुर जैसे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं बिहार के पटना, गया और चंपारण इलाकों में भी मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
राजस्थान में 60 किमी की रफ्तार से चलेगा तूफान, ओलावृष्टि का डर
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। 7 अप्रैल को एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके कारण जोधपुर, बीकानेर और अजमेर जैसे संभागों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और ओले गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें, क्योंकि ओलावृष्टि से भारी नुकसान हो सकता है।
पहाड़ों पर ऑरेंज अलर्ट: हिमाचल में ओले और कश्मीर में बर्फबारी
पहाड़ी राज्यों में कुदरत का कहर देखने को मिल सकता है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और चंबा में 7 और 8 अप्रैल के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। यहां आंधी के साथ भारी बारिश और ओले गिरने की आशंका है। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में 8 और 9 अप्रैल को बर्फबारी हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड के नैनीताल और चमोली में भी 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
बंगाल से लेकर दक्षिण तक बिगड़ेगा मिजाज
मौसम का यह बदलाव केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में 8 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी। वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से नीलगिरी और कोयंबटूर जैसे पहाड़ी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। हरियाणा और पंजाब के अमृतसर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में भी 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।




