Prabhat Vaibhav, Digital Desk : धर्मनगरी हरिद्वार अब केवल आध्यात्म का केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के औद्योगिक विकास का भी मुख्य इंजन बन चुका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि हरिद्वार निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। इस साल जिले में 2,946 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिससे सीधे तौर पर 23,212 नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
दशक भर का सफर: 1.05 लाख से अधिक नौकरियां
साल 2016 से अब तक के सफर पर नजर डालें तो हरिद्वार में औद्योगिक क्रांति की रफ्तार साफ नजर आती है। पिछले 10 सालों में 'इन्वेस्ट उत्तराखंड' के तहत 3,087 प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है। इससे कुल 15,011 करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतरा है और एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। यह उत्तराखंड के किसी भी अन्य जिले के मुकाबले एक बड़ी उपलब्धि है।
इन क्षेत्रों में निवेश की धूम
हरिद्वार के सिडकुल (SIDCUL) क्षेत्र में पहले से ही नेस्ले, हीरो मोटोकॉर्प, डाबर और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी बड़ी कंपनियां मौजूद हैं। अब नए निवेश इन क्षेत्रों में केंद्रित हैं:
फार्मा सेक्टर: जिले में एपीआई (API) और फॉर्मूलेशन यूनिट्स पर जोर दिया जा रहा है, जिनका लक्ष्य निर्यात बढ़ाना है।
ऑटोमोबाइल: इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के बढ़ते चलन को देखते हुए अब ईवी पार्ट्स और असेंबलिंग यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड प्रोसेसिंग: फल-सब्जी आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स में भारी निवेश आ रहा है।
पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग: प्लास्टिक पैकेजिंग के क्षेत्र में अब इको-फ्रेंडली विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सिंगल विंडो सिस्टम और सरकारी नीतियां बनीं गेमचेंजर
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उत्तम कुमार तिवारी के अनुसार, राज्य की एमएसएमई पॉलिसी-2023 और मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2025 ने निवेशकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है।
तेजी से मंजूरी: 'सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम' की वजह से अब प्रस्तावों को महज कुछ हफ्तों में मंजूरी मिल जाती है।
रियायतें: निवेशकों को कैपिटल सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी में भारी छूट दी जा रही है।
कनेक्टिविटी: दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी और कुशल श्रमिकों की उपलब्धता ने हरिद्वार को एक 'आदर्श इंडस्ट्रियल हब' बना दिया है।
आंकड़ों की जुबानी: हरिद्वार का विकास ग्राफ
| वित्तीय वर्ष | स्वीकृत प्रस्ताव | प्रस्तावित निवेश (₹ करोड़) | प्रस्तावित रोजगार |
|---|---|---|---|
| 2023-24 | 390 | 2,219 | 13,259 |
| 2024-25 | 404 | 3,050 | 17,551 |
| 2025-26 | 363 | 2,946 | 23,212 |
| 2026-27 (अब तक) | 18 | 107 | 801 |
चुनौतियां और भविष्य की राह
तेजी से बढ़ते उद्योगों के साथ ही सरकार का ध्यान अब इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने पर है। बिजली की निर्बाध आपूर्ति, जल प्रबंधन और औद्योगिक कचरे (Waste Management) का सही निस्तारण सरकार के लिए प्राथमिकता है। इसके साथ ही, स्थानीय युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल विकास (Skill Development) प्रशिक्षण देने की योजना पर भी काम चल रहा है, ताकि रोजगार का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सके।




