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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सोना सिर्फ़ एक कीमती धातु ही नहीं है; हिंदू पौराणिक कथाओं और ज्योतिष में इसे सूर्य, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। इसे देवी लक्ष्मी से भी जोड़ा जाता है। ऐसा माना जाता है कि घर में सोना रखने से सकारात्मक ऊर्जा आती है।

हालाँकि, कभी-कभी सोना अशुभ संकेत भी ला सकता है। अगर आपको ये संकेत दिखाई दें, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि ये आने वाली मुसीबत, आर्थिक नुकसान या ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव की चेतावनी हो सकते हैं। आइए जानें कि ज्योतिष और वास्तु के अनुसार सोने में कौन से बदलाव अशुभ माने जाते हैं।

सोने के गहनों से जुड़े इन 5 संकेतों को न करें नज़रअंदाज़

सोने के आभूषणों का रंग बदलना - अगर आपके सोने के आभूषण अचानक फीके पड़ जाते हैं, काले पड़ जाते हैं या उनकी चमक चली जाती है, तो इसे सूर्य की ऊर्जा में कमी का संकेत माना जाता है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, यह स्वास्थ्य समस्याओं, आय में कमी और नकारात्मक ऊर्जा का संकेत है।

गहनों का टूटना- अगर आप लंबे समय से गहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उनका कमजोर होकर टूटना सामान्य बात हो सकती है। हालाँकि, अगर ऐसा बार-बार हो, तो इसे अशुभ संकेत माना जाता है। खासकर अगर कोई चूड़ी, धागा, मंगलसूत्र या अंगूठी बिना किसी कारण के बार-बार टूट जाए, तो इसे अशुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, ऐसा तब होता है जब कुंडली में मंगल या राहु का नकारात्मक प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसी घटनाएं रिश्तों में तनाव, बड़े खर्चे या किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना का संकेत देती हैं। इसलिए, टूटे हुए गहनों की तुरंत मरम्मत करवा लेनी चाहिए।

सोना खो जाना - कई लोग अपने सोने के गहने बार-बार खो देते हैं। अगर सोने के गहने एक से ज़्यादा बार खो जाएँ, तो इसका सीधा संकेत है कि आपकी कुंडली में सूर्य और बृहस्पति कमज़ोर हैं। इसलिए आपको सावधान रहने की ज़रूरत है।

सोने के गहनों पर दाग-धब्बे - सोने के गहनों पर अनचाहे निशान, रेखाएं या दाग दिखाई देना परिवार के किसी सदस्य पर ग्रहों के बढ़ते दबाव का संकेत माना जाता है। ऐसे लक्षण विशेष रूप से मंगल, शनि या राहु के प्रभाव में आम होते हैं।

सोना पहनने से होता है ये हाल - सोना सौभाग्य से जुड़ी एक शुभ धातु है, लेकिन इसे सभी के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसलिए, कई लोगों को सोना पहनने पर घबराहट, भारीपन या सिरदर्द की समस्या होती है। यह इस बात का संकेत है कि सोने की ऊर्जा उनके आभामंडल के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रही है। यह स्थिति तब होती है जब कोई शत्रु ग्रह प्रबल हो या किसी की बुरी नज़र हो। ज्योतिष में इसे ऊर्जा असंतुलन का संकेत माना जाता है।