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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पाकिस्तान में 'अज्ञात बंदूकधारियों' का खौफ एक बार फिर चरम पर है। भारत के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैबा (LeT) के सह-संस्थापक मौलाना आमिर हमजा पर लाहौर की सड़कों पर जानलेवा हमला हुआ है। गुरुवार दोपहर एक टीवी कार्यक्रम से लौटते समय हमलावरों ने हमजा की गाड़ी को घेरकर उस पर गोलियों की बौछार कर दी। इस सनसनीखेज वारदात ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और आतंकी आकाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है।

फिल्मी अंदाज में घेराबंदी: हाथ में लगी गोली, जज भी थे साथ

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हमला किसी थ्रिलर फिल्म के सीन जैसा था। आमिर हमजा एक निजी न्यूज़ चैनल के दफ्तर से निकलकर अपनी कार में घर की ओर जा रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। अंधाधुंध फायरिंग में एक गोली आमिर हमजा के दाहिने हाथ में लगी। चौंकाने वाली बात यह है कि हमले के वक्त कार में पाकिस्तान के सेवानिवृत्त न्यायाधीश नज़ीर अहमद भी मौजूद थे, हालांकि वे इस हमले में सुरक्षित बच गए। हमजा को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद भारी पुलिस सुरक्षा के बीच उनके घर भेज दिया गया है।

कौन है आमिर हमजा? हाफिज सईद का बेहद करीबी और लश्कर का 'दिमाग'

आमिर हमजा कोई साधारण नाम नहीं है; वह मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद का दाहिना हाथ माना जाता है।

लश्कर की नींव: हमजा ने हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैबा की स्थापना की थी।

भड़काऊ भाषण और लेखन: वह अपने जहर उगलने वाले भाषणों और कट्टरपंथी किताबों के लिए कुख्यात है। 2002 में लिखी उसकी किताब 'काफिला दावत और शहादत' आतंकवादियों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जाती है।

भर्ती और फंडिंग: हमजा लश्कर की केंद्रीय समिति का अहम हिस्सा रहा है और नए आतंकियों की भर्ती के साथ-साथ संगठन के लिए धन जुटाने (Fundraising) का काम संभालता था।

अज्ञात हमलावरों की 'हिट लिस्ट' में आतंकी

पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकियों के साथ एक जैसा पैटर्न देखने को मिल रहा है। 'अज्ञात हमलावर' चुपचाप आते हैं, सटीक हमला करते हैं और बिना सुराग छोड़े गायब हो जाते हैं। इससे पहले भी लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के कई कमांडर इसी तरह निशाना बनाए जा चुके हैं। अमेरिकी वित्त विभाग पहले ही आमिर हमजा को प्रतिबंधित आतंकवादी घोषित कर चुका है, जिससे उसकी वैश्विक गतिविधियों पर पाबंदी है।

लाहौर में दहशत का माहौल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इस हमले के बाद लाहौर पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। लश्कर के गढ़ों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि पाकिस्तान हमेशा इन हमलों के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ बताता रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि उसके अपने ही पाले हुए 'सांप' अब सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। आमिर हमजा पर हुए इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान के सुरक्षित ठिकानों में छिपे आतंकियों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।