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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पश्चिम एशिया में बारूद की गंध और गहरी होती जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 'शांति समझौते' और ईरान की बातचीत की इच्छा वाले दावों को तेहरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह झुकने को तैयार नहीं है, जिसके बाद अब अमेरिका ने बेहद सख्त लहजे में अल्टीमेटम जारी किया है। व्हाइट हाउस की ओर से संकेत हैं कि अगर ईरान ने ठोस गारंटी नहीं दी, तो यह छद्म युद्ध अब सीधे आमने-सामने की भीषण लड़ाई में तब्दील हो सकता है।

ईरान की दो टूक: 'आंख के बदले आंख नहीं, अब सिर के बदले सिर'

ईरानी सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने ट्रंप के दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए युद्ध जारी रखने का ऐलान किया है। रेजाई ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान की सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, सेना पीछे नहीं हटेगी। ईरान ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं: युद्ध में हुए नुकसान की पूरी भरपाई, सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना और अमेरिका द्वारा आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की अंतरराष्ट्रीय गारंटी। रेजाई ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस बार मुकाबला पहले जैसा नहीं होगा; अब 'आंख के बदले आंख' नहीं, बल्कि 'सिर के बदले सिर' का सिद्धांत चलेगा।

नेतन्याहू के दबाव में खिंच रहा है युद्ध? ईरान का बड़ा दावा

इस सैन्य गतिरोध के बीच ईरान ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। मोहसेन रेजाई के मुताबिक, यह युद्ध एक सप्ताह पहले ही समाप्त हो सकता था क्योंकि अमेरिका इसके लिए तैयार था। लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दबाव के कारण वाशिंगटन को कदम पीछे खींचने पड़े और युद्ध जारी रहा। ईरान का मानना है कि अमेरिका को अब समझ आ गया है कि इस जंग में जीत का कोई सीधा रास्ता नहीं है, फिर भी इजरायली हितों के कारण वह इस दलदल में फंसा हुआ है।

ट्रंप का सीक्रेट मिशन और विटकॉफ-कुशनर की एंट्री

भले ही ईरान आक्रामक रुख अपनाए हुए है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका एक बेहद वरिष्ठ ईरानी नेता के संपर्क में है। ट्रंप के अनुसार, उनके खास प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी नेतृत्व से गुप्त बातचीत की है। हालांकि, उस नेता के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। याद रहे कि यह पूरा विवाद 28 फरवरी को ईरान पर हुए सिलसिलेवार हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद से दोनों परमाणु संपन्न ताकतें युद्ध के मुहाने पर खड़ी हैं।

खाड़ी क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी से बढ़ा तनाव

ईरानी सैन्य सलाहकार ने यह भी कहा कि उनकी सेना पूरी ताकत से एक्शन में है और प्रदर्शनकारियों व विदेशी ताकतों को खाड़ी क्षेत्र छोड़ने के लिए मजबूर किया जाएगा। अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई के लिए अपनी नौसेना और वायुसेना को हाई अलर्ट पर रखा है। कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि अगले कुछ घंटों में बातचीत का कोई ठोस आधार नहीं बना, तो 28 फरवरी से शुरू हुआ यह सिलसिला एक महाविनाशक वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है।