Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सुबह की शुरुआत एक प्याला गर्मागर्म कॉफी के साथ करना करोड़ों लोगों की पसंद है। लेकिन, जब बात हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) की आती है, तो कॉफी को लेकर अक्सर संशय बना रहता है। क्या कैफीन का सेवन आपके दिल की धड़कन और रक्तचाप को अनियंत्रित कर सकता है? आइए जानते हैं चिकित्सा विशेषज्ञों की राय और इसके पीछे का विज्ञान।
कॉफी की लत और सेहत का समीकरण
चाय की तरह कॉफी भी ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब यह एक 'लत' बन जाती है। यदि आप दिन भर में 3 कप से अधिक कॉफी पीते हैं, तो यह आपकी सेहत के लिए चेतावनी का संकेत हो सकता है।
कैफीन और ब्लड प्रेशर का सीधा संबंध
कॉफी में मौजूद कैफीन (Caffeine) एक उत्तेजक पदार्थ है। जब हम अधिक मात्रा में कॉफी पीते हैं, तो यह सीधे हमारी हृदय गति (Heart Rate) को बढ़ा देता है। दिल की धड़कन तेज होने से रक्तचाप में स्वतः ही उछाल आता है। इसके अलावा, अत्यधिक कैफीन हमारी रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को सिकोड़ सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव होने लगता है।
नींद में खलल और बढ़ता तनाव
कॉफी के अधिक सेवन का एक बड़ा दुष्प्रभाव हमारी नींद पर पड़ता है। कैफीन नींद के चक्र को बाधित करता है, और नींद की कमी (Insomnia) सीधे तौर पर उच्च रक्तचाप को बढ़ावा देती है। एक शांत और गहरी नींद ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए अनिवार्य है, जिसे कॉफी की अधिकता बिगाड़ सकती है।
क्या है सही मात्रा? एक्सपर्ट्स की सलाह
हाई बीपी के मरीजों के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें कॉफी पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार:
दिन भर में दो कप से अधिक कॉफी न पिएं।
सीमित मात्रा में कॉफी पीने से इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
कोशिश करें कि ब्लैक कॉफी (बिना दूध और चीनी वाली) का सेवन करें। यह न केवल आपके मूड को बेहतर बनाती है बल्कि रक्तचाप को संतुलित रखने में भी मददगार साबित हो सकती है।
दिल की सेहत के लिए संतुलन जरूरी
संक्षेप में कहें तो, कॉफी का 'लिमिट' में सेवन दवा की तरह और 'ओवरडोज' जहर की तरह काम कर सकता है। यदि आप उच्च रक्तचाप के मरीज हैं, तो अपनी कॉफी की आदतों पर नज़र रखें और इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।




