Prabhat Vaibhav, Digital Desk : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खान-पान के कारण 'ब्रेन स्ट्रोक' के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो जाती है। समय पर इलाज न मिलने से यह जानलेवा हो सकता है या व्यक्ति को स्थायी रूप से लकवाग्रस्त (Paralysis) बना सकता है। हालांकि, स्ट्रोक अचानक आता है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार हमारा शरीर एक सप्ताह या उससे पहले कुछ खास चेतावनी संकेत देने लगता है। अगर इन्हें समय रहते पहचान लिया जाए, तो जान बचाई जा सकती है।
1. असहनीय और अजीब तरह का सिरदर्द
स्ट्रोक से पहले होने वाला सिरदर्द सामान्य माइग्रेन या तनाव वाले दर्द से बिल्कुल अलग होता है। यह अचानक शुरू होता है और बहुत गंभीर होता है।
पहचान: इस दर्द पर पेनकिलर दवाओं का असर नहीं होता और यह लगातार बना रहता है। इसके साथ चक्कर आना, जी मिचलाना या धुंधला दिखने जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं। यह मस्तिष्क में रक्तस्राव या बढ़ते दबाव का शुरुआती संकेत है।
2. शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नपन
चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी महसूस होना स्ट्रोक का सबसे बड़ा रेड फ्लैग है।
लक्षण: यदि आपको महसूस हो कि शरीर का एक हिस्सा (विशेषकर बायां या दायां भाग) अचानक सुन्न हो गया है या नियंत्रण में नहीं है, तो सावधान हो जाएं। कभी-कभी यह कुछ मिनटों के लिए होता है और फिर ठीक हो जाता है, जिसे लोग थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह मिनी-स्ट्रोक (TIA) हो सकता है।
3. बोलने और समझने में अचानक कठिनाई
क्या आपको बात करते समय सही शब्द चुनने में परेशानी हो रही है? या फिर आप दूसरों की बातों को समझ नहीं पा रहे हैं?
संकेत: अचानक जुबान का लड़खड़ाना या आवाज का साफ न निकलना इस बात का संकेत है कि मस्तिष्क के उस हिस्से को नुकसान पहुंच रहा है जो भाषा और संचार को नियंत्रित करता है। इसे कभी भी हल्के में न लें।
4. आंखों के सामने अचानक अंधेरा या धुंधलापन
दृष्टि संबंधी समस्याएं भी स्ट्रोक की दस्तक हो सकती हैं। अचानक धुंधला दिखना, दोहरी दृष्टि (Double Vision), या किसी एक आंख की रोशनी पूरी तरह चले जाना गंभीर लक्षण हैं। पीएमसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षणिक इस्केमिक अटैक का हिस्सा हो सकता है, जो भविष्य में बड़े स्ट्रोक का कारण बनता है।
5. संतुलन बिगड़ना और चलने में दिक्कत
अचानक बिना किसी कारण के चक्कर आना और चलते समय शरीर का संतुलन खो देना भी एक चेतावनी है। यदि आपको कदम रखने में मुश्किल हो रही है या आप बार-बार लड़खड़ा रहे हैं, तो यह मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में कमी को दर्शाता है।
कैसे करें बचाव? अपनाएं 'FAST' फॉर्मूला
डॉक्टर्स स्ट्रोक की पहचान के लिए FAST फॉर्मूला अपनाने की सलाह देते हैं:
F (Face): क्या चेहरा एक तरफ लटक रहा है?
A (Arm): क्या एक हाथ उठाने में कमजोरी है?
S (Speech): क्या बोलने में लड़खड़ाहट है?
T (Time): यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो बिना समय बर्बाद किए अस्पताल पहुंचें।
सतर्कता ही सुरक्षा है: हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों को इन लक्षणों पर विशेष नजर रखनी चाहिए। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार के जरिए स्ट्रोक के जोखिम को 80% तक कम किया जा सकता है।




