Prabhat Vaibhav,Digital Desk : देवभूमि उत्तराखंड में इस बार मौसम के मिजाज ने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरत में डाल दिया है। मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक सूर्य देव के तीखे तेवरों ने लोगों को पसीने छुड़ाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी देहरादून में बृहस्पतिवार को गर्मी ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया, जहां तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा दर्ज किया गया। हालात यह हैं कि सुबह की हल्की ठंडक के बाद दोपहर होते-होते चिलचिलाती धूप जून की गर्मी का अहसास करा रही है।
दून में 34 डिग्री के पार पहुंचा पारा, रातें भी हुईं गर्म
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से भारी बढ़ोतरी के साथ 34.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से पूरे आठ डिग्री अधिक है। केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातों के तापमान में भी अप्रत्याशित उछाल देखा जा रहा है। दून का न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री बढ़कर 16.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे अब रात के समय भी पंखों की जरूरत महसूस होने लगी है। मौसम की यह तल्खी दूनवासियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
पहाड़ों की रानी भी तप रही, मुक्तेश्वर में सामान्य से 8 डिग्री अधिक गर्मी
मैदानों की क्या कहें, अब तो ठंडी वादियों के लिए मशहूर पर्वतीय क्षेत्रों में भी सूरज की तपिश महसूस की जा रही है। मुक्तेश्वर जैसे ठंडे इलाके में भी बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री अधिक रहते हुए 25.1 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। वहीं, यहां का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री की बढ़त के साथ 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान का इस कदर बढ़ना पर्यावरण और खेती के लिहाज से भी अच्छे संकेत नहीं माने जा रहे हैं।
बेमौसम गर्मी से जनजीवन प्रभावित, ग्लेशियरों पर भी नजर
तापमान में आए इस अचानक उछाल से राजधानी के बाजारों और सड़कों पर दोपहर के वक्त सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और भरपूर पानी पिएं। दूसरी ओर, मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की कमी और शुष्क हवाओं के चलते गर्मी समय से पहले हावी हो गई है। अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है, तो तापमान के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं।
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