Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान में कहा कि ऊफ़ा में एक दुर्भाग्यपूर्ण हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय छात्र घायल हो गए। दूतावास ने कहा कि वह रूस में स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है, और कज़ान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी घायल छात्रों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए ऊफ़ा के लिए रवाना हो गए हैं।
यह हमला कैसे हुआ?
पीटीआई के अनुसार, शनिवार (7 फरवरी, 2026) को एक 15 वर्षीय छात्र ऊफ़ा स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के परिसर में घुस गया। आरोपी सीधे छात्रावास में गया और अचानक वहां मौजूद छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना अचानक हुआ कि छात्रों को आत्मरक्षा का समय ही नहीं मिला। रूसी गृह मंत्रालय के अनुसार, आरोपी ने कई छात्रों पर चाकू से हमला किया। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की, तो उसने दो पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया। गिरफ्तारी का विरोध करते हुए आरोपी खुद भी घायल हो गया। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरिना वोल्क ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के दौरान पुलिसकर्मी घायल हो गए और हमलावर ने खुद को भी चोट पहुंचाई।
घायलों की हालत कैसी है?
रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमले में घायल हुए चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर है। हमलावर भी घायल हो गया है और उसे बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत भी गंभीर है। एक समाचार चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, दीवार पर खून से स्वास्तिक के निशान भी देखे गए। आरोप है कि ये निशान पीड़ितों में से एक के खून से बनाए गए थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने भी यही बात कही है।
जांच में सामने आई अहम जानकारी
के अनुसार, स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि आरोपी एक प्रतिबंधित नव-नाज़ी संगठन से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान वह राष्ट्रवादी नारे लगा रहा था। जांच एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हर पहलू की छानबीन कर रही हैं। घटना के बाद विश्वविद्यालय और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और भारतीय छात्रों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।




