Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारत और अमेरिका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते से उत्तर प्रदेश का निर्यात और तेज होने की उम्मीद है। वर्ष 2023-24 में प्रदेश से अमेरिका को कुल 32,490 करोड़ रुपये के उत्पाद निर्यात किए गए थे। इस समझौते के लागू होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी का नजरिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह व्यापार टैरिफ समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व का परिणाम है। इस समझौते के तहत अमेरिकी टैरिफ को औसतन 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है और कुछ चुनिंदा श्रेणियों में शून्य टैरिफ लागू किया गया है।
एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों को मिलेगा फायदा
इससे केवल व्यापारिक आंकड़ों में सुधार नहीं होगा, बल्कि वस्त्र उद्योग, चमड़ा उद्योग, कृषि-आधारित उद्योग, एमएसएमई, कालीन उद्योग, औद्योगिक विनिर्माण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डाटा सेंटर और कृषि उद्योगों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उत्तर प्रदेश की इन क्षेत्रों में भागीदारी राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है।
निर्यातक क्षेत्रों में लाभ
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) के अध्यक्ष एससी रल्हन के अनुसार मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर जैसे क्षेत्रों में होम डेकोर और हस्तशिल्प उद्योग लंबे समय से निर्यात में सक्रिय हैं। ऊंचे टैरिफ और लागत दबाव के कारण अमेरिकी बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति सीमित रही है। टैरिफ में कटौती से इन उत्पादों की निर्यात लागत कम होगी, जिससे निर्यातकों को सीधे लाभ मिलेगा।




