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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (सरकारी स्कूलों) में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए 'स्कूल चलो अभियान' पूरे शबाब पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी से इस अभियान के शंखनाद के बाद अब राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में नामांकन बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष अभियान का पहला चरण 15 अप्रैल 2026 तक चलेगा। यदि इस दौरान बच्चों का दाखिला नहीं कराया गया, तो वे सरकारी सुविधाओं और समय पर सत्र शुरू करने के अवसर से चूक सकते हैं।

'आउट ऑफ स्कूल' बच्चों पर विशेष फोकस

लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे कनौसी और बल्दीखेड़ा के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की टोलियां सक्रिय हैं। इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उन बच्चों को वापस लाना है जिन्होंने किसी कारणवश बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी (Dropouts)।

सक्रिय नामांकन: कनौसी विद्यालय में राज, प्रेम, संजना (कक्षा 1), अंशिका (कक्षा 5) और अचरिसा (कक्षा 6) जैसे नए विद्यार्थियों को जोड़कर शिक्षा की मुख्यधारा में लाया गया है।

शिक्षकों की भूमिका: शिक्षिका गीता बंगारी, रश्मि शर्मा, पूजा अरोरा और वंदना तिवारी जैसी अध्यापिकाएं घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक कर रही हैं।

अभिभावकों के लिए 'दस्तक' और जागरूकता

खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रमेंद्र शुक्ला के अनुसार, स्कूलों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है:

स्कूलों की सजावट: नए बच्चों के स्वागत के लिए स्कूलों को गुब्बारों और फूलों से सजाया जा रहा है।

जागरूकता रैलियां: बच्चे और शिक्षक गांव-मोहल्लों में रैलियां निकाल रहे हैं ताकि "आधी रोटी खाएंगे, स्कूल जरूर जाएंगे" जैसे नारों से शिक्षा की अलख जगाई जा सके।

शत-प्रतिशत लक्ष्य: विभाग का लक्ष्य है कि एक भी बच्चा ऐसा न बचे जिसका नामांकन न हुआ हो।

BSA का कड़ा निर्देश: 15 अप्रैल है डेडलाइन

लखनऊ के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) विपिन कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है।

निगरानी: खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर स्कूल के नामांकन डेटा की समीक्षा करें।

अपील: बीएसए ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 15 अप्रैल का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपने बच्चों का आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर नजदीकी विद्यालय पहुंचें।

नामांकन कराने पर मिलने वाले लाभ

सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को योगी सरकार कई सुविधाएं मुफ्त प्रदान कर रही है:

DBT के जरिए पैसा: ड्रेस, जूता-मोजा और स्कूल बैग के लिए पैसा सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में भेजा जाता है।

मुफ्त किताबें: सत्र शुरू होते ही नई पाठ्य-पुस्तकें दी जा रही हैं।

मिड-डे मील: बच्चों को रोजाना पौष्टिक गर्म भोजन।