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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए 'वन टाइम सेटलमेंट' (OTS)-2025 योजना की समय सीमा को विस्तार देने का निर्णय लिया है। अब राज्य के कारोबारी और करदाता अपने पुराने टैक्स बकाया का निपटारा 31 मई 2026 तक कर सकेंगे। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया है कि यह तिथि करदाताओं से मिले फीडबैक के आधार पर बढ़ाई गई है, लेकिन यह सुधार का 'आखिरी अवसर' होगा।

8 हजार डिफाल्टर रडार पर, नीलामी की तैयारी

सरकार ने राहत के साथ-साथ सख्त चेतावनी भी जारी की है। वित्त मंत्री ने बताया कि विभाग ने राज्य भर में करीब 8,000 डिफाल्टरों की संपत्तियों को चिन्हित कर लिया है। यदि 31 मई तक बकाया राशि जमा नहीं की गई, तो इन संपत्तियों को जब्त कर उनकी नीलामी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य राजस्व की चोरी रोकना और पुराने लंबित मामलों को पूरी पारदर्शिता के साथ समाप्त करना है।

अब तक 134 करोड़ की वसूली, कारोबारियों को मिली बड़ी राहत

ओटीएस-2025 योजना को पंजाब के व्यापारिक जगत से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

कुल आवेदन: अब तक 9,151 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

राजस्व वसूली: योजना के माध्यम से अब तक 134.21 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में आए हैं।

कारोबारियों को छूट: सरकार ने इस योजना के तहत व्यापारियों को 446.17 करोड़ रुपये की बड़ी कर राहत प्रदान की है।

पिछले सालों का रिकॉर्ड: 70 हजार मामलों का निपटारा

हरपाल सिंह चीमा ने पिछली योजनाओं की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2022-23 (ओटीएस-2) में 2,487 मामलों का समाधान हुआ था। वहीं, वर्ष 2023-24 (ओटीएस-3) के दौरान रिकॉर्ड 70,000 आवेदनों का निपटारा किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि करदाता विवादों को सुलझाने के इच्छुक हैं और ओटीएस योजनाएं इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

वित्त मंत्री की अपील: कानूनी कार्रवाई से बचें

वित्त मंत्री ने सभी पात्र करदाताओं से अपील की है कि वे भविष्य की कानूनी पेचीदगियों और संपत्तियों की कुर्की जैसी कार्रवाई से बचने के लिए 31 मई की नई समय सीमा का लाभ उठाएं। सरकार का लक्ष्य पारदर्शी प्रशासन के जरिए राज्य के राजस्व को मजबूत करना और व्यापारियों को तनावमुक्त माहौल देना है।