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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में युद्ध के बादल गहराने लगे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अब वैश्विक कूटनीति में खलबली मचा दी है। इस बीच, चीन ने सख्त रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस क्षेत्र में जारी तमाम सैन्य अभियानों को तुरंत रोकें। चीन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन सहित कई देशों को अपने-अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए होर्मुज में युद्धपोत तैनात करने की खुली चुनौती दी है।

ट्रंप की मांग और चीन का कड़ा एतराज

दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल आपूर्ति का मुख्य केंद्र है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि चीन, जापान और भारत जैसे देश अपने अधिकांश कच्चे तेल का आयात इसी मार्ग से करते हैं, इसलिए उन्हें अपने समुद्री व्यापार की रक्षा के लिए खुद आगे आना चाहिए और वहां अपने युद्धपोत भेजने चाहिए। ट्रंप के इस रुख ने बीजिंग को असहज कर दिया है। चीन ने साफ कर दिया है कि सैन्यीकरण किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इससे पहले से ही सुलग रहा पश्चिम एशिया पूरी तरह आग की चपेट में आ सकता है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया तेल संकट

होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। चीन ने चेतावनी दी है कि अगर इस क्षेत्र में सैन्य टकराव बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में हाहाकार मच जाएगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि किसी भी देश को तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचना चाहिए। चीन का मानना है कि अमेरिका द्वारा दबाव बनाने की राजनीति वैश्विक शांति के लिए खतरा है। बीजिंग ने सभी पक्षों से बातचीत की मेज पर आने और कूटनीतिक रास्तों से समाधान निकालने का आह्वान किया है।

क्या तीसरे विश्व युद्ध की आहट है यह तनाव?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज में चीन और अमेरिका का आमने-सामने होना केवल व्यापारिक जंग नहीं, बल्कि वर्चस्व की लड़ाई है। ट्रंप जहां चाहते हैं कि तेल आयातक देश अपनी सुरक्षा का बोझ खुद उठाएं, वहीं चीन इसे अमेरिका की जिम्मेदारी से भागने और क्षेत्र में अशांति फैलाने की चाल के रूप में देख रहा है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो न केवल कच्चे तेल के दाम आसमान छुएंगे, बल्कि भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर सकती है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ड्रैगन के अगले कदम और होर्मुज की उफनती लहरों पर टिकी हैं।