Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पटना स्थित आवास पर शनिवार को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ओर से आयोजित ‘लिट्टी विद मांझी’ कार्यक्रम राजनीतिक रूप से खासा चर्चा में रहा। इस आयोजन में एनडीए के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने गठबंधन की एकजुटता और ताकत का स्पष्ट संदेश दिया।
कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित कई वरिष्ठ मंत्री और नेता शामिल हुए। मंच पर मंत्री विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, दीपक प्रकाश, जमा खान, संजय सिंह जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने आयोजन को और खास बना दिया।
इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, वरिष्ठ नेता महाचंद्र सिंह, मनीष वर्मा समेत कई विधायक और राजनीतिक हस्तियां भी कार्यक्रम में पहुंचीं। जीतन राम मांझी के साथ हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक दीपा मांझी, ललन राम, ज्योति मांझी, रमित कुमार, राजेश पांडेय, श्याम सुंदर शरण सहित कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
नीट छात्रा मामले पर बड़ा संकेत
कार्यक्रम से पहले मीडिया से बातचीत में जीतन राम मांझी ने नीट छात्रा की मौत के मामले पर अहम बयान दिया। उन्होंने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर इस प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है। मांझी ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और फिलहाल एसआईटी जांच कर रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वह पिछले दो दशकों से अधिक समय से मुख्यमंत्री हैं और न किसी को बचाते हैं, न फंसाते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। मांझी ने साफ किया कि यदि परिस्थितियां मांगेंगी तो सीबीआई जांच से भी पीछे नहीं हटा जाएगा।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
कांग्रेस और राजद के रिश्तों पर पूछे गए सवाल पर मांझी ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस दूरी में कोई नई बात नहीं है और यह बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। उनके अनुसार, कांग्रेस जिन दलों के साथ गठबंधन में है, उनसे समाज के कुछ वर्गों को छोड़कर बाकी लोग दूरी महसूस करते हैं।
कुल मिलाकर, ‘लिट्टी विद मांझी’ कार्यक्रम सिर्फ सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि एनडीए की राजनीतिक एकजुटता और आने वाले समय के संकेत देने वाला मंच भी बनकर उभरा।




