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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार में उच्च शिक्षा को मजबूती देने के लिए नीतीश सरकार ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। उच्च शिक्षा विभाग के गठन के बाद पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा की और उन्हें शीघ्र लागू करने की सहमति दी।

राज्य में उच्च शिक्षा के सकल नामांकन अनुपात (GER) को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। योजना के तहत 360 प्रखंडों में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक-एक डिग्री महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए बजट की रूपरेखा तय कर दी गई है और अनुमान है कि भवन निर्माण और शैक्षणिक ढांचे के विकास पर 2000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी।

अभी 174 प्रखंडों में ही हैं डिग्री कॉलेज

फिलहाल बिहार के कुल 534 प्रखंडों में से केवल 174 प्रखंडों में डिग्री महाविद्यालय संचालित हैं। इनमें अंगीभूत और अनुदानित संबद्ध कॉलेज शामिल हैं। शेष 360 प्रखंड ऐसे हैं जहां अभी डिग्री कॉलेज नहीं हैं, और इन्हीं क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर नए कॉलेज खोले जाएंगे।

सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और बाहर जाने की मजबूरी कम होगी।

GER बढ़ाने का लक्ष्य, केंद्र और राज्य की साझा सोच

केंद्र सरकार ने वर्ष 2035 तक देश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वहीं बिहार सरकार राज्य में वर्तमान लगभग 20 प्रतिशत GER को बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने की दिशा में काम कर रही है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक चयनित प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना तैयार की गई है।

पुराने शिक्षण संस्थान बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

बैठक में यह भी तय हुआ कि बिहार के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए ऐसे संस्थानों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह नवगठित उच्च शिक्षा विभाग की दूसरी बड़ी और महत्वपूर्ण योजना मानी जा रही है।

नए साल में तेजी से लागू होंगी योजनाएं

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत रोडमैप में विभागीय संरचना, उच्च शिक्षा निदेशालय की भूमिका, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की स्थिति, शोध संस्थानों, भाषायी अकादमियों के पुनर्गठन और उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के तहत चल रही योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। विभाग का दावा है कि नए साल से इन सभी योजनाओं पर तेज़ी से अमल होगा।

सात निश्चय-3 में भी शामिल है उन्नत शिक्षा का लक्ष्य

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय-3 के तहत घोषित “उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम में भी पुराने शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना और राज्य में नई एजुकेशन सिटी विकसित करना शामिल है।

कोचिंग संस्थानों के लिए बनेगी एजुकेशन सिटी

राज्य में तेजी से बढ़ रहे कोचिंग संस्थानों को व्यवस्थित करने के लिए सरकार नई एजुकेशन सिटी बनाने की तैयारी में है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए कार्य योजना तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि यह एजुकेशन सिटी राजस्थान के कोटा मॉडल की तर्ज पर विकसित की जाएगी।

इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण और निगरानी के लिए जनवरी में नई कोचिंग पॉलिसी लागू की जाएगी। प्रस्तावित नीति को जल्द ही मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।