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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बेहद खतरनाक होने वाला है। बुधवार को आए विनाशकारी तूफान के बाद, जिसमें प्रदेश भर में 14 लोगों की जान चली गई, मौसम विभाग (IMD) ने आज फिर भारी तबाही की चेतावनी जारी की है। अगले तीन घंटों के भीतर प्रयागराज, कानपुर और चित्रकूट समेत 15 जिलों में तेज आंधी के साथ ओले (Hailstorm) गिरने की प्रबल आशंका है। मौसम विभाग ने मध्य और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

इन 15 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट)

मौसम विभाग के 'वार्निंग मैप' के अनुसार, अगले कुछ घंटों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलेगी। प्रयागराज, कानपुर नगर, कानपुर देहात, चित्रकूट, बांदा, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, संत रविदास नगर, हमीरपुर, जालौन, रायबरेली, उन्नाव और औरैया में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ ओले गिर सकते हैं। इन इलाकों में जान-माल के नुकसान की आशंका को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क कर दिया गया है।

पूर्वांचल और अवध में येलो अलर्ट

पूर्वांचल के जिलों जैसे सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश का येलो अलर्ट है। वहीं राजधानी लखनऊ, कन्नौज, इटावा, आगरा, फिरोजाबाद, मुरादाबाद और रामपुर में भी आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है।

तापमान में उतार-चढ़ाव का खेल

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस सक्रिय सिस्टम के कारण अगले 24 घंटों में मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिलेगी। हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी। मई के शुरुआती 2-3 दिनों में पारा फिर से 3 से 5 डिग्री चढ़ सकता है। इसके बाद 4 और 5 मई को एक और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देगा, जिससे बारिश का एक नया दौर शुरू होगा।

बीते 24 घंटे में आंधी ने ली 14 जानें

बता दें कि बुधवार को आई आंधी-बारिश ने यूपी में भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग हादसों में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अवध क्षेत्र के 9, पूर्वांचल के 4 और प्रयागराज का 1 व्यक्ति शामिल है। आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, जिससे सड़क और रेल यातायात घंटों बाधित रहा। बिजली के खंभे और तार टूटने से कई जिलों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।