Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने पंजाब में मौसम की करवट बदल दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नमी और ठंडी हवाओं के कारण अमृतसर से लेकर लुधियाना तक आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश व गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है।
40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, इस विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब के कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। हालांकि 5 और 6 अप्रैल को थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन 7 अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है, जिससे दोबारा मौसम खराब होगा।
दिन-प्रतिदिन का पूर्वानुमान: कब और कहां होगी बारिश?
मौसम विभाग ने जिलावार विस्तृत जानकारी साझा की है:
3 अप्रैल (आज): राज्य के अधिकतर हिस्सों में भारी हलचल रहेगी। अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, रूपनगर और फतेहगढ़ साहिब में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट है।
4 अप्रैल: दूसरे दिन भी फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, संगरूर, पटियाला और मोहाली समेत कई जिलों में मौसम संवेदनशील बना रहेगा।
5 व 6 अप्रैल: इन दो दिनों में मौसम में सुधार होगा। अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।
7 अप्रैल (नया अलर्ट): नया विक्षोभ सक्रिय होते ही अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और फाजिल्का समेत लगभग पूरे पंजाब में फिर से गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है।
किसानों और आम जनता के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने तेजी से बदलते इस घटनाक्रम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
किसानों के लिए: चूंकि यह समय फसलों की कटाई और भंडारण का है, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और सिंचाई व कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टाल दें।
सुरक्षा: तेज आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।
यात्रा: पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोग मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें।
पंजाब के नंगल और आसपास के इलाकों में दोपहर से ही हल्की बारिश शुरू हो गई है, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले एक हफ्ते तक पंजाब वासियों को मौसम के इस उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा।




