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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की राजनीति में इन दिनों ‘कैलेंडर पॉलिटिक्स’ को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नीतीश सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री संजय सिंह द्वारा सरकारी कैलेंडर में अपने परिवार के सदस्यों की तस्वीर शामिल करने पर मुख्य विपक्षी दल आरजेडी (RJD) ने कड़ा ऐतराज जताया है। आरजेडी ने इसे 'परिवारवाद का नया अध्याय' और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करार दिया है। 26 मार्च 2026 को सामने आए इस मामले ने एनडीए के भीतर भी हलचल मचा दी है।

क्या है 'कैलेंडर विवाद'?

मामला पीएचईडी विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक सरकारी कैलेंडर से जुड़ा है। आरोप है कि मंत्री संजय सिंह ने इस कैलेंडर में न केवल अपनी, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों की तस्वीरें भी प्रमुखता से शामिल की हैं।

RJD का हमला: आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो एनडीए 'परिवारवाद' के खिलाफ लड़ने का दावा करता है, वह अब सरकारी कैलेंडर के जरिए अपने परिवारों को महिमामंडित कर रहा है।

सरकारी लूट का आरोप: एजाज अहमद ने इसे 'सरकारी लूट' और जनता के पैसे का निजी प्रचार के लिए इस्तेमाल बताया है।

नीतीश और चिराग की चुप्पी पर सवाल

आरजेडी ने इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं को भी कटघरे में खड़ा किया है। पार्टी ने सवाल पूछा है कि भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर 'जीरो टॉलरेंस' की बात करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता नितिन नवीन और लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान इस गंभीर चूक पर चुप क्यों हैं?

मुजफ्फरपुर गोलीकांड पर तेजस्वी यादव की चेतावनी

कैलेंडर विवाद के साथ-साथ आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुजफ्फरपुर गोलीकांड को लेकर भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पुलिस सम्मान पर आपत्ति: तेजस्वी ने मुजफ्फरपुर कांड के बाद सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मियों की सूची पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने इसे 'निंदनीय और अप्रत्याशित' कदम बताया।

मुजफ्फरपुर ठप करने की धमकी: पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया (X) हैंडल के जरिए चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे मुजफ्फरपुर को ठप कर देंगे।

सत्ता पक्ष का रुख

फिलहाल 'कैलेंडर विवाद' और मुजफ्फरपुर गोलीकांड पर सत्ता पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि विधानसभा चुनावों से पहले आरजेडी 'परिवारवाद' और 'कानून व्यवस्था' के मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती।