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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ब्रिक्स मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को रूस का मजबूत और सार्वजनिक समर्थन मिल गया है। रूस ने साफ कर दिया है कि वह भारत की अध्यक्षता में तय किए गए ब्रिक्स एजेंडे के साथ मजबूती से खड़ा है। आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और नई तकनीक जैसे मुद्दों पर भारत की पहल को रूस ने न केवल व्यावहारिक बताया, बल्कि मौजूदा वैश्विक हालात के लिए जरूरी भी करार दिया है।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को रूस का पूरा समर्थन

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आरटी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि रूस, भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स समूह की प्राथमिकताओं का पूरी तरह समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा रखा गया एजेंडा वर्तमान वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और यह भविष्य की जरूरतों को भी संबोधित करता है। लावरोव के मुताबिक, ब्रिक्स को जिस दिशा में भारत आगे बढ़ा रहा है, उससे सदस्य देशों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी स्थिरता को मजबूती मिलेगी।

आतंकवाद पर भारत के रुख की खुलकर तारीफ

रूसी विदेश मंत्री ने खास तौर पर आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की सोच और रणनीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्से आतंकवाद से प्रभावित हैं। अफगान सीमा, भारत-पाकिस्तान-अफगानिस्तान क्षेत्र समेत कई इलाकों में आतंकी गतिविधियां लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे समय में आतंकवाद के खिलाफ साझा और ठोस प्रयास बेहद जरूरी हैं। लावरोव ने बताया कि भारत और रूस संयुक्त राष्ट्र में एक वैश्विक आतंकवाद-रोधी ढांचा तैयार करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी सभी देशों की सहमति नहीं बन पाई है, लेकिन दोनों देश इस दिशा में अपने प्रयास लगातार जारी रखे हुए हैं।

ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर भारत की प्राथमिकता

लावरोव ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स में ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिक एजेंडे में शामिल किया गया है, जो मौजूदा वैश्विक संकटों के दौर में हर देश के लिए बेहद अहम हैं। बढ़ती महंगाई, आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और ऊर्जा संसाधनों पर बढ़ता दबाव इन मुद्दों को और भी संवेदनशील बना देता है। ऐसे में भारत की यह पहल ब्रिक्स देशों के लिए साझा समाधान का रास्ता खोल सकती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीक पर फोकस

रूस ने भारत के तकनीकी विजन की भी जमकर तारीफ की है। लावरोव ने कहा कि भारत सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर खास जोर दे रहा है। भारत एक एआई शिखर सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है, जिसमें रूस को भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस इस सम्मेलन और भारत के तकनीकी एजेंडे में सक्रिय भागीदारी करेगा।

कुल मिलाकर, रूस ने यह संकेत दे दिया है कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता केवल एक औपचारिक भूमिका नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता, सुरक्षा और विकास के लिए एक मजबूत आधार बन सकती है। भारत के कदमों को रूस ने मित्रता और भरोसे के साथ सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है।