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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि भारत के साथ नई व्यापारिक व्यवस्था को उन्होंने पूरी तरह से 'उलट' दिया है। उनके मुताबिक, अब नए समझौतों के तहत भारत अमेरिका को टैरिफ (आयात शुल्क) का भुगतान करेगा, लेकिन अमेरिका भारत को कोई टैरिफ नहीं देगा।

'पीएम मोदी शानदार व्यक्ति, पर अमेरिका से ज्यादा समझदार'

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की, लेकिन इसमें एक व्यापारिक तंज भी छिपा था। ट्रंप ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी एक अद्भुत सज्जन और महान व्यक्ति हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि वे पहले के अमेरिकी शासकों से कहीं अधिक समझदार थे। यही वजह थी कि पहले के व्यापारिक समझौतों में भारत हमें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहा था।" ट्रंप ने जोर देकर कहा कि पुरानी व्यवस्था अब खत्म हो चुकी है और नई व्यवस्था 'अमेरिका फर्स्ट' के लिए बिल्कुल उचित है।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की 'शक्तियों' पर लगाया ब्रेक

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी टैरिफ लगाने की शक्तियों पर कड़ा प्रहार किया है। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति IEEPA (अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम) का सहारा लेकर एकतरफा शुल्क नहीं लगा सकते। कोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा, "राष्ट्रपति ऐसा नहीं कर सकते, यह संसदीय अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण है।" सुप्रीम कोर्ट का यह रुख ट्रंप के 'प्लान बी' के लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती बन सकता है।

12 राज्यों और बड़ी कंपनियों ने खोला ट्रंप के खिलाफ मोर्चा

ट्रंप की टैरिफ नीति केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि खुद अमेरिका के भीतर भी विवादों में है। अमेरिका के 12 राज्यों (जिनमें से अधिकांश डेमोक्रेटिक पार्टी शासित हैं) और कई बड़े व्यापारिक समूहों ने इस नीति को अदालत में चुनौती दी है। उनका आरोप है कि ट्रंप प्रशासन कांग्रेस (संसद) की मंजूरी के बिना अवैध तरीके से जनता और व्यापारियों पर कर का बोझ डाल रहा है।

क्या भारत के लिए मुश्किल होगा व्यापार?

ट्रंप के इस दावे ने भारतीय निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी है। अगर ट्रंप की यह 'वन-वे टैरिफ' नीति सफल होती है, तो भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद ट्रंप के लिए इस तरह के भेदभावपूर्ण टैरिफ को कानूनी रूप से बरकरार रखना आसान नहीं होगा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक खींचतान अब एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है।