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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिकी राजनीति और वैश्विक व्यापार के गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'टैरिफ नीति' की धज्जियां उड़ा दीं। शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) को कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी-भरकम शुल्कों को अवैध और असंवैधानिक करार दिया। इस फैसले पर राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "शर्मनाक" बताया है और साथ ही दुनिया को चेतावनी दी है कि उनके पास इस झटके से निपटने के लिए 'प्लान बी' (Plan B) तैयार है।

हाई-लेवल मीटिंग में मिली खबर, ट्रंप ने खोया आपा!

एनबीसी न्यूज़ के मुताबिक, जिस वक्त सुप्रीम कोर्ट ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया, उस वक्त राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। फैसले की खबर मिलते ही ट्रंप ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे न्यायपालिका का व्यापार में अनुचित हस्तक्षेप बताया। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों और सलाहकारों को स्पष्ट लहजे में कहा कि भले ही कोर्ट ने उनके हाथ बांधने की कोशिश की है, लेकिन वे चुप नहीं बैठेंगे।

सुप्रीम कोर्ट की 6-3 की स्ट्राइक: 'राष्ट्रपति कोई राजा नहीं'

मुख्य न्यायाधीश जॉन जी. रॉबर्ट्स जूनियर की अध्यक्षता वाली पीठ ने 6-3 के बहुमत से यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका में टैक्स या टैरिफ लगाने की शक्ति केवल निर्वाचित कांग्रेस (संसद) के पास है।

अदालत की दलील: ट्रंप ने 1970 के दशक के जिस आपातकालीन कानून (IEEPA) का सहारा लिया था, उसमें 'शुल्क' (Tariff) शब्द का कहीं जिक्र नहीं है।

संवैधानिक मर्यादा: कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति अपनी मर्जी से 100 से अधिक देशों पर मनमाना टैक्स नहीं थोप सकते, यह संविधान के अनुच्छेद 1 का उल्लंघन है।

ट्रंप की चेतावनी: 'टैरिफ हटा तो बर्बाद हो जाएगा अमेरिका'

डोनाल्ड ट्रंप शुरू से ही टैरिफ को 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का सबसे बड़ा हथियार मानते आए हैं। उनका तर्क है कि अगर आयातित सामानों पर भारी टैक्स नहीं लगाया गया, तो विदेशी कंपनियां अमेरिकी उद्योगों को कुचल देंगी। उन्होंने इस फैसले को विदेशी हितों से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह देश की आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ पर हमला है। ट्रंप ने इसे चीन और अन्य देशों के साथ व्यापारिक युद्ध में सौदेबाजी के सबसे मजबूत हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था।

क्या है ट्रंप का 'Plan B'? वैश्विक बाजार में बढ़ी धड़कनें

सुप्रीम कोर्ट के इस झटके के बाद अब सबकी नजरें ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का 'प्लान बी' कुछ इस तरह हो सकता है:

नया कार्यकारी आदेश: ट्रंप 'धारा 122' जैसे अन्य व्यापारिक कानूनों का सहारा लेकर अस्थायी रूप से फिर से टैक्स लगा सकते हैं।

कांग्रेस पर दबाव: वह अपने समर्थित सांसदों के जरिए संसद में नया कानून लाने की कोशिश कर सकते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला: वह 'धारा 232' के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर फिर से कुछ विशेष वस्तुओं पर टैरिफ थोप सकते हैं।

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए किसी बड़ी जीत से कम नहीं है। ट्रंप की टैरिफ नीति ने भारतीय कपड़ा, आईटी और इंजीनियरिंग सामानों की लागत बढ़ा दी थी। अब इन शुल्कों के हटने से भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में फिर से प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। हालांकि, ट्रंप के 'प्लान बी' की आहट ने फिलहाल पूरी दुनिया को 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में डाल दिया है।