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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच इस्राइल ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे घातक दावा किया है। इस्राइली रक्षा बलों (IDF) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उनके ताजा हमलों में ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम (वायु रक्षा प्रणाली) पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान इस्राइल ने न केवल रक्षा ठिकानों को मटियामेट किया, बल्कि एक ईरानी एमआई-17 (MI-17) हेलीकॉप्टर को भी मार गिराया है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता की लहर दौड़ गई है।

इस्राइली स्ट्राइक में ईरान का सुरक्षा कवच हुआ नाकाम

इस्राइली वायुसेना ने ईरानी सीमा के भीतर घुसकर रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इस्राइल का दावा है कि उनके उन्नत लड़ाकू विमानों ने ईरान के उन रडार स्टेशनों और मिसाइल डिफेंस यूनिट्स को निशाना बनाया, जो तेहरान की सुरक्षा का मुख्य आधार थे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान का एयर डिफेंस वास्तव में तबाह हो गया है, तो यह ईरानी संप्रभुता के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि अब उसका आकाश पूरी तरह से असुरक्षित हो गया है। इस्राइल ने इस ऑपरेशन को 'सर्जिकल प्रिसिजन' के साथ अंजाम देने की बात कही है, ताकि केवल सैन्य संपत्ति को ही नुकसान पहुंचे।

ईरानी MI-17 हेलीकॉप्टर को किया गया ढेर

इस सैन्य अभियान की सबसे बड़ी खबर ईरानी एमआई-17 हेलीकॉप्टर का गिरना रही। आईडीएफ के प्रवक्ता के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर एक संवेदनशील मिशन पर था, जिसे इस्राइली इंटरसेप्टर्स ने हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस हेलीकॉप्टर के क्रैश होने या मारे गए लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अपुष्ट फुटेज में आसमान में धुएं का गुबार और मलबे को गिरते हुए देखा गया है, जिसे इसी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। इस कार्रवाई ने ईरान के भीतर खलबली मचा दी है।

तेहरान का पलटवार और वैश्विक तनाव की स्थिति

इस हमले के बाद ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है। तेहरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि उसकी सीमाओं का उल्लंघन करने पर अंजाम भुगतना होगा। दूसरी ओर, अमेरिका और यूरोपीय देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस्राइल का यह कदम सीधे तौर पर ईरान की जवाबी कार्रवाई की क्षमता को खत्म करने के लिए उठाया गया है। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के अगले कदम पर टिकी हैं, जो इस क्षेत्रीय संघर्ष की दिशा तय करेगा।