Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब के जालंधर स्थित भार्गव कैंप इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भारी पुलिस बल ने एक संदिग्ध ठिकाने पर अचानक छापेमारी की। लेकिन यह रेड तब विवादों के घेरे में आ गई जब स्थानीय निवासियों और विशेषकर महिलाओं ने पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप है कि छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों ने घर में मौजूद महिलाओं के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। इस घटना के बाद पूरे भार्गव कैंप में तनाव का माहौल बना हुआ है और गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
छापेमारी के दौरान हंगामे और मारपीट की इनसाइड स्टोरी
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि भार्गव कैंप के एक खास घर में कुछ गैर-कानूनी गतिविधियां चल रही हैं। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस की टीम वहां दबिश देने पहुंची थी। चश्मदीदों का कहना है कि पुलिस ने बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के घर में प्रवेश किया और वहां मौजूद महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की। पीड़ितों का दावा है कि पुलिस ने उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया और घर का सामान भी इधर-उधर फेंक दिया। जैसे ही यह बात आसपास के लोगों को पता चली, देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति बेकाबू होने लगी। लोगों के आक्रोश को देखते हुए रेड पर आई टीम को बैकरफुट पर आना पड़ा।
एडीसीपी का बयान: निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जालंधर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीसीपी (ADCP) ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस किसी भी निर्दोष के साथ ज्यादती नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छापेमारी एक विशेष इनपुट के आधार पर की गई थी, लेकिन महिलाओं से मारपीट के जो आरोप लग रहे हैं, उनकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। एडीसीपी ने आश्वासन दिया कि यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने फिलहाल लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
भार्गव कैंप में विरोध प्रदर्शन और पुलिस की अगली रणनीति
भार्गव कैंप के निवासियों का कहना है कि पुलिस अक्सर छापेमारी के नाम पर आम लोगों को प्रताड़ित करती है। इस घटना के बाद स्थानीय नेताओं ने भी दखल दिया है और दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे नशा तस्करों और अपराधियों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेंगे, लेकिन भविष्य में रेड के दौरान प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। फिलहाल इलाके में पुलिस और जनता के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में खाकी ने अपनी मर्यादा लांघी या यह केवल रेड को विफल करने का एक प्रयास था।
_1146084518_100x75.jpg)
_1788484583_100x75.jpg)
_1359308603_100x75.jpg)
_1663099618_100x75.jpg)
_61353943_100x75.jpg)