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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सरकारी बसों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। पंजाब सरकार परिवहन व्यवस्था को डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब जहां एक ओर नकद भुगतान की झंझट खत्म होगी, वहीं महिलाओं को मुफ्त बस सेवा के लिए बार-बार आधार कार्ड दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

परिवहन विभाग ने सरकारी बसों में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें लगाने की मंजूरी दे दी है। इन मशीनों के जरिए यात्री क्यूआर कोड, यूपीआई, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और ऑफलाइन मोड जैसे विकल्पों से टिकट खरीद सकेंगे। अभी तक बसों में टिकट के लिए केवल नकद भुगतान की व्यवस्था थी।

महिलाओं को मिलेगा स्मार्ट कार्ड, आधार दिखाने की जरूरत नहीं

महिला यात्रियों के लिए सरकार स्मार्ट कार्ड सिस्टम शुरू करने जा रही है। महिलाओं को एक बार स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा और उसी के आधार पर उन्हें मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें हर यात्रा में पहचान पत्र दिखाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह कदम महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाजनक आवागमन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

GPS से लैस होंगी टिकटिंग मशीनें

डिजिटल टिकटिंग मशीनें जीपीएस से जुड़ी होंगी, जिससे बसों की लाइव लोकेशन, नजदीकी बस स्टॉप, रूट की जानकारी और सीटों की उपलब्धता जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी। इससे सरकारी बस सेवाएं पहले से अधिक भरोसेमंद और समयबद्ध बनेंगी।

छात्रों के लिए भी स्मार्ट कार्ड की सुविधा

सरकार विद्यार्थियों को भी स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराएगी। इन कार्डों को मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन रिचार्ज किया जा सकेगा, जिससे छात्रों के लिए यात्रा आसान और किफायती हो जाएगी।

मोबाइल एप से होगा स्मार्ट कार्ड रिचार्ज

इस नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट कार्ड को मोबाइल एप से डिजिटल रूप से रिचार्ज किया जा सकेगा। इससे न केवल आम नागरिकों बल्कि पर्यटकों को भी सरकारी बसों में बिना किसी परेशानी के यात्रा करने में मदद मिलेगी।

राजस्व में पारदर्शिता और सिस्टम होगा मजबूत

परिवहन मंत्री ने कहा कि डिजिटल टिकटिंग से विभाग के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी। टिकट बिक्री और बस संचालन की रियल टाइम मॉनिटरिंग से मैनुअल गड़बड़ियां कम होंगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी। यह पहल सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है।