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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार (7 अप्रैल) और बुधवार (8 अप्रैल) के लिए राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पंजाब के अधिकांश जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना जताई गई है।

तेज हवाएं और ओलावृष्टि: क्या है पूर्वानुमान?

मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पंजाब के मैदानी और सीमावर्ती इलाकों में मौसम बिगड़ेगा।

हवा की रफ्तार: मंगलवार और बुधवार को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।

ओलावृष्टि का खतरा: विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ कई स्थानों पर ओले गिर सकते हैं, जिससे पकने को तैयार गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुँचने की आशंका है।

वर्षा का हाल: बीते 24 घंटों में फाजिल्का में सबसे अधिक 12.8 मिलीमीटर और चंडीगढ़ में 1.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

पिछले 24 घंटों का तापमान: गर्मी ने दिखाए थे तेवर

सोमवार को पंजाब के कई हिस्सों में तीखी धूप खिली रही, जिससे पारे में उछाल देखा गया। हालांकि, बादलों की आवाजाही ने शाम तक मौसम को थोड़ा ठंडा कर दिया था। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:

शहरअधिकतम तापमान (°C)
बठिंडा33.3°C
पटियाला32.5°C
लुधियाना31.6°C
मोहाली31.4°C
फिरोजपुर30.1°C

कब मिलेगा राहत?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह विक्षोभ 8 अप्रैल की रात तक सक्रिय रहेगा। 9 अप्रैल से बादलों के छंटने और मौसम के पूरी तरह साफ होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है।

किसानों के लिए सलाह

कटाई के सीजन को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने को कहा है।

यदि फसल कट चुकी है, तो उसे सुरक्षित स्थानों या मंडियों में तिरपाल से ढक कर रखें।

आंधी और बारिश के दौरान खेतों में सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।

ओलावृष्टि की स्थिति में कटी हुई फसल के भीगने से दानों की गुणवत्ता खराब होने का डर रहता है, इसलिए जल निकासी का उचित प्रबंध रखें।