Prabhat Vaibhav,Digital Desk : वृंदावन की यमुना नदी में हुआ दर्दनाक नाव हादसा अब एक बड़े त्रासदी का रूप ले चुका है। इस हादसे में जान गंवाने वाले पंजाब के श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। शनिवार सुबह एक और शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान अबोहर (फाजिल्का) के रहने वाले मनिक टंडन के रूप में हुई है। जैसे-जैसे एंबुलेंस मृतकों के शव लेकर लुधियाना और जगराओं पहुंच रही हैं, पूरे इलाके में चीख-पुकार और मातम का माहौल है।
पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत मान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को जगराओं पहुंचे। उन्होंने मृतक चरणजीत बहल के निवास पर जाकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने इस घटना को पूरे पंजाब के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।
शव पहुंचते ही दुगरी और गीता कॉलोनी में पसरा सन्नाटा
लुधियाना (दुगरी फेस-2): यहां के रहने वाले दंपति अंजू गुलाटी और राकेश गुलाटी के साथ उनकी पड़ोसन मीनू बंसल के शव शनिवार सुबह उनके निवास पर पहुंचे। अपनों के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। गुलाटी परिवार के दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जगराओं (गीता कॉलोनी): जगराओं में एक साथ पांच शवों— कविता बहल, मधुर बहल, चरणजीत बहल, पिंकी बहल और ईशान कटारिया—के पहुंचने से कोहराम मच गया। दोपहर बाद इन सभी का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया जाएगा।
प्रशासनिक चूक: लापता सूची से गायब है डिंकी बंसल का नाम
हादसे में जान गंवाने वाली मीनू बंसल के बेटे निखिल बंसल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। निखिल के अनुसार, उनकी बहन डिंकी बंसल अभी भी लापता है, लेकिन प्रशासन द्वारा जारी लापता लोगों की आधिकारिक सूची में उसका नाम तक शामिल नहीं है। परिजनों ने सरकार से गुहार लगाई है कि तलाश अभियान में तेजी लाई जाए और उनकी बहन का सुराग लगाया जाए।
हादसे का अपडेट: नाव चालक गिरफ्तार, बचाव कार्य जारी
कुल श्रद्धालु: बताया जा रहा है कि पंजाब से दो बसों में लगभग 130 लोग वृंदावन गए थे, जिनमें से 90 अकेले जगराओं के थे।
रेस्क्यू: अब तक 22 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं।
कार्रवाई: पुलिस ने फरार नाव चालक पप्पू निषाद को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में क्षमता से अधिक सवारी बैठाना हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
खोज अभियान: एनडीआरएफ (NDRF) के साथ-साथ सेना के जवान भी यमुना की लहरों में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।
धार्मिक आस्था की यह यात्रा कई घरों के चिराग बुझा गई है। लुधियाना और जगराओं के बाजारों में आज शोक स्वरूप सन्नाटा पसरा हुआ है।




