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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आजकल सोशल मीडिया पर वजन घटाने और बॉडी डिटॉक्स करने के नाम पर 'वॉटर फास्टिंग' (Water Fasting) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर कई इन्फ्लुएंसर 24 से 72 घंटों तक केवल पानी पीकर रहने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस 'शॉर्टकट' को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि बिना डॉक्टरी सलाह के किया गया यह प्रयोग शरीर को फायदे के बजाय स्थायी और गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

शुरुआत में दिखेगा फायदा, बाद में होगा भारी नुकसान

विशेषज्ञों के अनुसार, वॉटर फास्टिंग के शुरुआती 1 से 3 दिनों में शरीर का वजन तेजी से गिरता हुआ महसूस होता है। लेकिन असल में यह फैट नहीं, बल्कि शरीर में जमा ग्लाइकोजन और पानी का वजन (Water Weight) होता है। इसके बाद शरीर 'कीटोसिस' की स्थिति में चला जाता है, जिससे मांसपेशियां (Muscles) कमजोर होने लगती हैं और शरीर का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ जाता है।

इन लोगों के लिए 'बीमारी का न्योता' है यह उपवास

चिकित्सा विज्ञान में उपवास का उपयोग उपचार के लिए किया जाता है, लेकिन यह हमेशा विशेषज्ञों की निगरानी में होता है। सोशल मीडिया देखकर खुद प्रयोग करना इन श्रेणियों के लिए घातक है:

मधुमेह रोगी: विशेष रूप से टाइप 1 डायबिटीज वाले लोग।

कुपोषित या कमजोर व्यक्ति: जिनका शरीर पहले से ही पोषक तत्वों की कमी झेल रहा है।

दवा लेने वाले: जो लोग नियमित किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं।

हृदय रोगी: इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का सीधा असर दिल की धड़कन पर पड़ता है।

'रीफीडिंग सिंड्रोम' का सबसे बड़ा खतरा

वॉटर फास्टिंग का सबसे खतरनाक पहलू है 'रीफीडिंग सिंड्रोम' (Refeeding Syndrome)। लंबे समय तक भूखा रहने के बाद जब व्यक्ति अचानक खाना शुरू करता है, तो शरीर में इंसुलिन और इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर इतनी तेजी से बदलता है कि यह हृदय गति को रोक सकता है या मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, इससे थकान, तेज सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हैं।

सुरक्षित वजन घटाने के सही तरीके

डॉक्टरों का सुझाव है कि जोखिम भरे शॉर्टकट के बजाय वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके अपनाएं:

संतुलित आहार: अपनी डाइट में पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स शामिल करें।

कैलोरी कंट्रोल: एक साथ भूखा रहने के बजाय अपनी दैनिक कैलोरी में थोड़ी कटौती करें।

नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

समय पर भोजन: खाने का एक निश्चित समय तय करें और जंक फूड से बचें।