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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने करवट बदल ली है, जिससे तपती गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमवार को राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हुई हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश ने दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अप्रैल का पहला सप्ताह भी मिला-जुला रहने वाला है, जिसमें गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।

इन जिलों में जमकर बरसे बदरा: पठानकोट और मोहाली में सबसे ज्यादा बारिश

सोमवार को पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में मानसून जैसी सक्रियता देखी गई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के आंकड़ों के मुताबिक:

पठानकोट: 6.5 मिलीमीटर (सबसे अधिक)

मोहाली: 3.0 मिलीमीटर

पटियाला और एसबीएस नगर: 2.5 मिलीमीटर

चंडीगढ़: 1.7 मिलीमीटर

अमृतसर: 0.3 मिलीमीटर

लुधियाना और होशियारपुर जैसे जिलों में भी दिन भर बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही, जिससे अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट गया।

धूल भरी आंधी का अलर्ट: 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को भी पंजाब के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की आशंका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 1 और 2 अप्रैल को आसमान साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है, जिससे तापमान में फिर से थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

3 से 5 अप्रैल के बीच फिर लौटेगी बारिश: येलो अलर्ट जारी

अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 3 से 5 अप्रैल के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इस अवधि के दौरान पंजाब के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से सामान्य वर्षा होने की प्रबल संभावना है। यह बेमौसम बारिश कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।

किसानों के लिए सलाह: सावधानी बरतें

बारिश और तेज हवाओं के अलर्ट को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने और कीटनाशकों के छिड़काव को फिलहाल टालने की सलाह दी है। पंजाब के लुधियाना, पटियाला और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में तापमान में आई इस गिरावट ने लोगों को फिलहाल एसी और कूलर से दूर रहने पर मजबूर कर दिया है।