Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ पहुँचाने के लिए एक निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में 'विशेष फार्मर रजिस्ट्री अभियान' शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 15 अप्रैल 2026 तक युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा, जिसके तहत यूपी के हर ग्राम सचिवालय में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे किसान, बिचौलियों का खेल होगा खत्म
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के उन सभी किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है, जो अभी तक सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाए हैं। फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) तैयार होने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में बिना किसी देरी या भ्रष्टाचार के पहुँच सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का एक भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।
हर ग्राम पंचायत में लगेंगे कैंप, मौके पर ही होगा त्रुटियों का सुधार
15 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रत्येक ग्राम सचिवालय में लगने वाले इन कैंपों में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और लेखपालों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।
लेखपालों की जिम्मेदारी: लेखपालों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र की कम से कम एक ग्राम पंचायत के शिविर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें।
डाटा सुधार: यदि किसी किसान के नाम, आधार या जमीन के विवरण में कोई त्रुटि है, तो उसे इन कैंपों में मौके पर ही ठीक किया जाएगा।
दस्तावेजी प्रक्रिया: किसानों को कैंप में ही आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी और तत्काल पंजीकरण (Registration) सुनिश्चित किया जाएगा।
अब तक 1.72 करोड़ से अधिक किसान रजिस्टर्ड, बाकी को जोड़ने का लक्ष्य
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 1,72,06,355 किसानों को पीएम किसान योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा चुका है। हालांकि, अभी भी प्रदेश में एक बड़ी आबादी ऐसी है जिनका पंजीकरण शेष है। इसी कमी को दूर करने के लिए योगी सरकार ने इस अभियान को 'मिशन मोड' में चलाने का फैसला किया है।
कृषि योजनाओं में आएगी पारदर्शिता और तेजी
इस रजिस्ट्री के तैयार होने से न केवल किसानों का एक सटीक डेटाबेस बनेगा, बल्कि भविष्य में बीज, खाद, सब्सिडी और फसल बीमा जैसी सुविधाओं का वितरण भी बेहद सरल हो जाएगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा (15 अप्रैल) के भीतर अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिकता होगी। किसानों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी ग्राम सचिवालय पहुँचकर इस अभियान का लाभ उठाएं।




