Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारत और पाकिस्तान के बीच भले ही लंबे समय से राजनयिक बातचीत बंद हो, लेकिन आज पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजधानी ढाका में दोनों देशों के प्रतिनिधि एक ही छत के नीचे नजर आएंगे। मौका है बांग्लादेश में हुए ऐतिहासिक चुनावों के बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह। हालांकि यह कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत दोनों देशों के नेताओं की मौजूदगी ने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस महत्वपूर्ण समारोह में भारत की ओर से शामिल होंगे। भारत सरकार ने यह निर्णय बांग्लादेश के साथ अपने गहरे सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंधों को मजबूती देने के लिए लिया है। पीएम मोदी ने पहले ही नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है।
पाकिस्तान की ओर से कौन होगा शामिल?
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने भी अपने वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और योजना मंत्री अहसान इकबाल को इस समारोह के लिए ढाका भेजा है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विदेश दौरे पर होने के कारण इकबाल देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
शपथ ग्रहण समारोह: क्यों है इतना खास?
नया नेतृत्व: करीब दो दशक बाद बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) सत्ता में वापसी कर रही है और तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।
भव्य आयोजन: यह समारोह ढाका स्थित राष्ट्रीय संसद भवन (Jatiya Sangsad) के साउथ प्लाजा में आज शाम 4 बजे आयोजित होगा।
क्षेत्रीय दिग्गज: ओम बिरला और अहसान इकबाल के अलावा भूटान के पीएम शेरिंग तोबगे, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और नेपाल-श्रीलंका के वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
क्या होगी भारत-पाक के बीच कोई बात?
राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही दोनों नेता एक ही स्थान पर बैठेंगे, लेकिन इसे 'औपचारिक वार्ता' नहीं कहा जा सकता। यह पूरी तरह से एक बहुपक्षीय आयोजन है जहां क्षेत्रीय सहयोग की झलक देखने को मिलेगी। भारत के लिए यह दौरा बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अपने हितों को सुरक्षित करने और नई सरकार के साथ विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम है।




