Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बाद सत्ता परिवर्तन की औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने सोमवार रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के साथ ही देश में पिछले 18 महीनों से चल रहा अंतरिम शासन समाप्त हो गया है और अब निर्वाचित सरकार की कमान तारिक रहमान के हाथों में होगी।
भावुक विदाई: 'लोकतंत्र की मशाल बुझनी नहीं चाहिए'
अपने विदाई भाषण में मोहम्मद यूनुस काफी भावुक नजर आए। उन्होंने शेख हसीना के जाने के बाद के समय को 'राक्षस के चंगुल से मुक्ति' करार दिया। उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि जिस लोकतंत्र, मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए देश के युवाओं ने बलिदान दिया है, वह प्रक्रिया अब रुकनी नहीं चाहिए। यूनुस सरकार ने देश में कानून-व्यवस्था बहाल करने और निष्पक्ष चुनाव कराने में अहम भूमिका निभाई है।
आज शाम ढाका में शपथ ग्रहण, ओम बिरला होंगे भारत के 'विशेष दूत'
बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान आज यानी 17 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ढाका पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रतिनिधि के रूप में ओम बिरला की मौजूदगी यह दर्शाती है कि भारत, बांग्लादेश में नई सरकार के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए तैयार है।
चुनाव परिणाम: बीएनपी ने पार किया 'जादुई आंकड़ा'
13वें संसदीय चुनावों में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने एकतरफा जीत हासिल की है।
सीटें: बीएनपी ने सरकार बनाने के लिए जरूरी 151 के आंकड़े को बड़े अंतर से पार कर लिया है।
विपक्ष: इस बार संसद में जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में नजर आएगा।
जनमत संग्रह: चुनावों के साथ ही शासन सुधारों के लिए कराया गया संवैधानिक जनमत संग्रह भी पास हो गया है, जिससे नई सरकार को संविधान में बदलाव करने की शक्ति मिल गई है।
नई सरकार के सामने चुनौतियां और उम्मीदें
शेख हसीना के युग के अंत के बाद अब तारिक रहमान के कंधों पर बांग्लादेश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी है। करीब 59 प्रतिशत मतदान यह बताता है कि जनता ने बदलाव के पक्ष में भारी वोट किया है। अब देखना होगा कि निर्वाचित सरकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर बांग्लादेश की छवि को किस तरह पेश करती है।




