Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग डेस्टिनेशन औली की खूबसूरत सफेद चादर को एक बार फिर उसका पुराना निखार वापस मिल रहा है। हाल ही में संपन्न हुई नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप और विंटर कार्निवल के बाद यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी थी, लेकिन उनके जाने के बाद बर्फीली ढलानें प्लास्टिक के कचरे से पट गई थीं। प्रकृति के इस अनमोल खजाने को बचाने के लिए विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और नगर पालिका ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) ने संयुक्त रूप से 'महा-सफाई अभियान' छेड़ दिया है।
विंटर गेम्स के बाद कचरे का अंबार, अब एक्शन मोड में प्रशासन
औली में 13 से 16 फरवरी 2026 तक नेशनल विंटर गेम्स और कार्निवल का भव्य आयोजन हुआ था। इस दौरान लगभग 15 हजार से अधिक पर्यटकों और खेल प्रेमियों ने औली की ढलानों का लुत्फ उठाया। हालांकि, आयोजन खत्म होने के बाद नंदा देवी स्लोप और 10 नंबर टावर के पास पुराने स्लोप तक भारी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें, चिप्स के पैकेट और डिस्पोजेबल कचरा नजर आने लगा था। पर्यावरण को होते नुकसान को देखते हुए एसोसिएशन ने तुरंत सफाई अभियान शुरू करने का फैसला लिया।
13 क्विंटल प्लास्टिक कचरा बरामद, एमआरएफ सेंटर भेजा गया
विंटर गेम्स एसोसिएशन के सह सचिव अजय भट्ट ने जानकारी दी कि बर्फ के बीच फंसे कचरे को निकालने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। अब तक औली के विभिन्न हिस्सों से 13 क्विंटल (1300 किलोग्राम) प्लास्टिक कचरा एकत्र किया जा चुका है। नगर पालिका ज्योतिर्मठ के सहयोग से इस कूड़े को सुरक्षित तरीके से एमआरएफ (Material Recovery Facility) सेंटर पहुंचाया गया है, ताकि इसका सही निस्तारण किया जा सके।
प्रकृति को बचाने की मुहिम: 'दाग' हटाने में जुटी टीमें
पालिकाध्यक्ष देवेश्वरी शाह ने बताया कि औली केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि हमारी धरोहर है। उन्होंने कहा, "पूरे औली क्षेत्र में सफाई अभियान युद्धस्तर पर जारी है। हमारा लक्ष्य है कि पर्यटकों के लौटने के बाद एक भी प्लास्टिक का टुकड़ा ढलानों पर न रहे।" पालिका के कर्मचारी और एसोसिएशन के स्वयंसेवक कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच ढलानों से कूड़ा बीन रहे हैं।
पर्यटकों से अपील: खूबसूरती को कचरे से न ढकें
स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों ने भविष्य में आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे पहाड़ों की स्वच्छता का ध्यान रखें। विंटर गेम्स जैसे बड़े आयोजनों के सफल संचालन के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है, जिसे इस बार एसोसिएशन और नगर पालिका ने बखूबी स्वीकार किया है।




