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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत आज से होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी 2026 की शाम 5 बजे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में AI Impact Summit 2026 के अंतर्गत इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन ग्लोबल साउथ का पहला और अब तक का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन माना जा रहा है, जो समावेशी, जिम्मेदार और सशक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य की दिशा तय करेगा।

300 से अधिक प्रदर्शनी और लाइव डेमो होंगे आकर्षण

AI Impact Expo 2026 में 300 से अधिक सुव्यवस्थित प्रदर्शनी मंडप और लाइव डेमो प्रस्तुत किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों को तीन प्रमुख विषयों—लोग, ग्रह और प्रगति—के आधार पर संरचित किया गया है। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि एआई किस तरह मानव जीवन, पर्यावरण और विकास के विभिन्न आयामों को प्रभावित कर रहा है।

13 देशों के 600+ स्टार्टअप की भागीदारी

इस वैश्विक मंच पर 13 देशों के 600 से अधिक उच्च-स्तरीय स्टार्टअप और पवेलियन हिस्सा लेंगे। यह सहभागिता अंतरराष्ट्रीय एआई इकोसिस्टम में सहयोग, नवाचार और साझेदारी को मजबूत करने का संकेत मानी जा रही है। सम्मेलन के दौरान स्टार्टअप, टेक कंपनियां, नीति निर्माता और शोध संस्थान एक साथ भविष्य की तकनीकी रणनीतियों पर विचार करेंगे।

पहले दिन फोकस: सड़क सुरक्षा में AI की भूमिका

दिल्ली के इंडिया पवेलियन में शुरू हो रहे इस शिखर सम्मेलन के पहले दिन भारत में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में एआई की भूमिका पर विशेष चर्चा होगी। उद्घाटन सत्र में परिवहन मंत्रालय, आईआईटी के विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
इस दौरान डेटा आधारित मॉडल, दुर्घटना पैटर्न विश्लेषण, जोखिम पूर्वानुमान और सक्रिय हस्तक्षेप जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। सुरक्षित गतिशीलता, ड्राइवर प्रशिक्षण, हाइपरलोकल डेटा मॉडल और तकनीक आधारित सार्वजनिक हित समाधान को लेकर ठोस रणनीतियों पर मंथन होगा।

शिक्षा, नेतृत्व और न्याय प्रणाली में AI

सम्मेलन के पहले दिन नेतृत्व और कार्य के भविष्य पर भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें यह विश्लेषण होगा कि एआई किस प्रकार वैश्विक रोजगार परिदृश्य को बदल रहा है और नई कार्यसंस्कृति को आकार दे रहा है।
इसके अलावा न्याय प्रणाली में एआई के उपयोग पर भी चर्चा होगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि किस प्रकार भविष्यसूचक विश्लेषण, केस मैनेजमेंट ऑटोमेशन, कानूनी शोध और वर्चुअल कोर्ट जैसी तकनीकों के माध्यम से मामलों के निपटारे में तेजी लाई जा सकती है और लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सकता है।

रोजगार का भविष्य और स्किल अपग्रेड की चुनौती

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में रोजगार के नए अवसरों और चुनौतियों पर भी गंभीर विमर्श होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई जहां नई नौकरियों के द्वार खोलेगा, वहीं कई पारंपरिक भूमिकाओं को प्रतिस्थापित भी कर सकता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर कौशल उन्नयन और री-स्किलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा।

स्मार्ट और जलवायु-अनुकूल कृषि पर विशेष सत्र

“अनुसंधान से समाधान तक” विषय पर आयोजित विशेष सत्र में इस बात पर चर्चा होगी कि एआई किस प्रकार टिकाऊ, कुशल और जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा दे सकता है। यह सत्र पांच चरणों वाली सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया और पेरिस, बर्लिन, ओस्लो, न्यूयॉर्क, जिनेवा, बैंकॉक और टोक्यो में आयोजित वैश्विक संपर्क बैठकों की पृष्ठभूमि में तैयार किया गया है।

AI Impact Summit 2026 को भारत के तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक डिजिटल विजन के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। यह मंच न केवल नवाचार को बढ़ावा देगा, बल्कि नीति निर्माण, सामाजिक प्रभाव और वैश्विक सहयोग के नए आयाम भी स्थापित करेगा।