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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भीषण गर्मी की तपिश शुरू होने से पहले बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। ऊर्जा विभाग ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव करते हुए 'रनिंग लाइन रिपेयर' (चलती लाइन में मरम्मत) की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसी छोटे फाल्ट या ट्रिपिंग की स्थिति में पूरे फीडर की बिजली बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कर्मचारी चलती लाइन में ही खामियों को दूर करेंगे, जिससे हजारों घरों में होने वाली अघोषित बिजली कटौती पर लगाम लगेगी।

अब पूरे फीडर की सप्लाई नहीं होगी बाधित

गर्मी के दौरान अक्सर देखा जाता है कि एक जगह फाल्ट होने पर पूरे इलाके की बिजली गुल कर दी जाती है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पटना मुख्यालय से मुख्य अभियंता विनोद कुमार के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। टीम ने बोचहां, एमआईटी और सिकंदरपुर पावर सब स्टेशनों का निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि अब 'शटडाउन' के बजाय रनिंग लाइन में मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए।

लाइनमैन को मिलेगी स्पेशल सुरक्षा किट और ट्रेनिंग

चलती लाइन में काम करना जोखिम भरा होता है, इसलिए विभाग ने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं:

सुरक्षा किट: लाइनमैन और मानव बल को विशेष प्रकार की इन्सुलेटेड सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाएगी।

विशेष प्रशिक्षण: जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को इस नई तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। कर्मियों को सिखाया जाएगा कि पूरी सुरक्षा के साथ रनिंग लाइन में फाल्ट कैसे दुरुस्त करें।

मॉनिटरिंग: पूरे कार्य की निगरानी विद्युत कार्यपालक अभियंता द्वारा की जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

[Image showing high-voltage line repair with insulated safety gear]

ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को बदलने का अल्टीमेटम

समीक्षा बैठक में मुजफ्फरपुर के साथ-साथ शिवहर और सीतामढ़ी के अधिकारियों को भी शामिल किया गया। मुख्य अभियंता ने निर्देश दिया कि गर्मी के चरम समय से पहले सभी ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को चिह्नित कर बदला जाए। साथ ही, 33 केवी और 11 केवी लाइनों के मेंटेनेंस का काम तुरंत शुरू करने को कहा गया है ताकि उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या न झेलनी पड़े।

पटना के बाद अब मुजफ्फरपुर में शुरू होगी ट्रेनिंग

अधिकारियों ने बताया कि इस आधुनिक व्यवस्था का प्रशिक्षण पटना में पहले ही शुरू हो चुका है। अब जल्द ही मुजफ्फरपुर सर्कल के तकनीकी कर्मियों को भी ट्रेन किया जाएगा। इस पहल से न केवल उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी, बल्कि विभाग के राजस्व में भी सुधार होगा क्योंकि शटडाउन के कारण होने वाला 'नो सप्लाई' समय कम हो जाएगा।