Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की राजधानी पटना में पर्यटन के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। गंगा नदी की लहरों पर रोमांचक सफर कराने वाले बहुप्रतीक्षित रो-पैक्स क्रूज (Ro-Pax Cruise) का परिचालन एक बार फिर दीघा घाट से शुरू हो गया है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) द्वारा संचालित यह शानदार जलयान अब हर शाम पर्यटकों को दीघा घाट से मीनार घाट तक की सैर कराएगा। 50 लाख की भारी-भरकम मरम्मत के बाद लौटे इस क्रूज से गंगा पर्यटन को एक नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।
मात्र 250 रुपये में 40 मिनट का शाही सफर
क्रूज के इंचार्ज कैप्टन राहुल ने बताया कि फिलहाल इस सेवा का आनंद शाम के समय लिया जा सकता है। पर्यटकों के लिए किराए और समय का विवरण कुछ इस प्रकार है:
किराया: प्रति व्यक्ति मात्र 250 रुपये।
सफर की अवधि: दीघा घाट से मीनार घाट तक आने-जाने में कुल 40 मिनट का समय लगेगा।
क्षमता: यह अत्याधुनिक जलयान एक बार में 300 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है।
50 लाख की लागत से हुआ 'मेकओवर', कोलकाता से लौटा 'स्वामी परमहंस'
'स्वामी परमहंस' नामक यह जलयान पिछले पांच महीनों से परिचालन से बाहर था। इसे तकनीकी मरम्मत और मजबूती के लिए कोलकाता के ड्राई डॉक सेंटर भेजा गया था।
सुरक्षा जांच: जलयान की तकनीकी मजबूती और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर पांच साल में 'ड्राई डॉकिंग' अनिवार्य होती है।
आधुनिक सुविधाएं: 50 लाख रुपये खर्च कर इसके इंजन, सिस्टम और ढांचे को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है।
रफ्तार: यह क्रूज करीब 15 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा के बीचों-बीच पटना की सांस्कृतिक विरासत का दर्शन कराएगा।
निजी कार्यक्रमों के लिए भी कर सकते हैं बुक
यह क्रूज न केवल आम पर्यटकों के लिए है, बल्कि आप इसे जन्मदिन, सालगिरह या अन्य निजी कार्यक्रमों के लिए भी बुक कर सकते हैं। पर्यटन निगम ने इसके लिए विशेष पैकेज जारी किए हैं:
1 घंटे का पैकेज: ₹30,000 से शुरुआत।
8 घंटे का पैकेज: ₹1.5 लाख तक।
आने वाले दिनों में दीघा घाट पर पर्यटकों की सुविधा के लिए कैंटीन और अन्य व्यवस्थाएं भी शुरू की जाएंगी।
केंद्र सरकार की ओर से बिहार को मिला था तोहफा
बता दें कि स्वामी परमहंस जलयान केंद्र सरकार द्वारा बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उपहार स्वरूप दिया गया था। 22 अगस्त 2023 को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और बिहार पर्यटन के बीच हुए समझौते के बाद इसकी शुरुआत हुई थी। अब इसकी वापसी से पटना के रिवर क्रूज पर्यटन को एक बार फिर नई रफ्तार मिलेगी।




