मोकामा विधायक अनंत सिंह पर पटना पुलिस का बड़ा शिकंजा
बिहार के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है। इसी बीच पटना जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां अपने बयानों और राजनीतिक रसूख के कारण हमेशा सुर्खियों में रहने वाले मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें एक बार फिर काफी बढ़ गई हैं। पटना पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए विधायक अनंत सिंह के खिलाफ ताबड़तोड़ तीन अलग-अलग प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की हैं। खास बात यह है कि इन सभी मामलों में अकेले अनंत सिंह ही नहीं, बल्कि उनके साथ जन सुराज समर्थित एमएलसी उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह और उनके कुछ अन्य करीबी सहयोगी भी कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना को लेकर यह कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे राज्य की स्थानीय राजनीति में भारी खलबली मच गई है।
चुनाव प्रचार के दौरान रोड शो और तय नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (Patna Graduates Constituency) के तहत चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान नियमों की गंभीर अनदेखी की गई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मोकामा और बाढ़ इलाके में निकाले गए रोड शो व जनसंपर्क अभियानों के लिए प्रशासन से जो अनुमति ली गई थी, उसमें तय शर्तों का पालन नहीं किया गया। अनुमति पत्र में सीमित वाहनों के इस्तेमाल और तय मार्ग की बात कही गई थी, लेकिन धरातल पर नियमों को ताक पर रख दिया गया। बाढ़ और मोकामा क्षेत्र में निकाले गए जुलूस के दौरान भारी संख्या में गाड़ियों और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आईं। प्रशासनिक आयोजनों और चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) के उल्लंघन के इन मामलों को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।
बाढ़ और मोकामा थानों में दर्ज किए गए कुल तीन मुकदमे
पटना जिला पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय थाना प्रभारियों के बयानों के आधार पर यह कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कुल तीन मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से दो मामले अकेले बाढ़ थाना क्षेत्र में और एक मामला मोकामा थाना क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज हुआ है। ये मुकदमे स्थानीय पुलिस अधिकारियों और अंचलाधिकारियों (CO) के लिखित बयानों तथा प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किए गए हैं। इन एफआईआर में मुख्य रूप से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन, जनसभा व रोड शो के नियमों की अनदेखी तथा विधि-व्यवस्था (Law and Order) को खतरे में डालने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति को कानून तोड़ने की छूट नहीं दी जाएगी।
जेडीयू से बागी तेवर और जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह का खुला समर्थन बना वजह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में उपजे उस राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा है जिसमें विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी (जदयू) के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ जाकर बगावत का बिगुल फूंक दिया है। पटना स्नातक एमएलसी सीट पर सत्तारूढ़ दल ने जहां अपने पुराने नेता पर भरोसा जताया है, वहीं बाहुबली विधायक अनंत सिंह खुलकर जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में मैदान में उतर गए हैं और लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। अनुज सिंह के समर्थन में निकाली गई यात्राओं और शक्ति प्रदर्शन के दौरान जब प्रशासन के तय मानकों की अनदेखी हुई, तो पुलिस ने बिना किसी दबाव के तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों नेताओं को इन मुकदमों में नामजद कर दिया।
प्रशासन की दो टूक: कानून तोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
घटना के बाद पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और कानून-व्यवस्था का पालन करवाना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। चाहे कोई जनप्रतिनिधि हो या किसी भी दल का प्रत्याशी, यदि कोई भी चुनावी नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक तरफ जहां इन मुकदमों के दर्ज होने से विधायक अनंत सिंह और उम्मीदवार अनुज सिंह की मुश्किलें कानूनी मोर्चे पर बढ़ती दिख रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में पारा और अधिक चढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन इस मामले में आगे क्या और क्या कदम उठाते हैं।