ड्रेसिंग रूम की बात लीक करने वाले मोहम्मद रिजवान को बड़ी राहत

ड्रेसिंग रूम की बात लीक करने वाले मोहम्मद रिजवान को बड़ी राहत

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जगत और विशेष रूप से पाकिस्तानी क्रिकेट गलियारों में पिछले कुछ समय से चल रहे बड़े विवाद के बीच विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान के प्रशंसकों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ड्रेसिंग रूम की अंदरूनी बातों को लीक करने और ऑनलाइन बेटिंग या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना कर रहे अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद रिजवान को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की ओर से बड़ी राहत प्रदान की गई है। पीसीबी ने चल रही जांच के बीच ही उन्हें घरेलू क्रिकेट में दोबारा उतरने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। इस बड़े फैसले के बाद अब रिजवान जल्द ही मैदान पर वापसी करते हुए अपनी घरेलू टीम की कमान संभालते नजर आएंगे, जिससे उनके करियर पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादल फिलहाल कुछ हद तक छटते हुए दिखाई दे रहे हैं।

क्या था पूरा मामला और क्यों घिरे थे मोहम्मद रिजवान?

यह पूरा विवाद तब तूल पकड़ा जब अगस्त महीने में इंग्लैंड दौरे के दौरान लॉर्ड्स टेस्ट मैच के बाद मोहम्मद रिजवान और उनके साथी खिलाड़ी इमाम-उल-हक को अचानक बीच सीरीज से ही वापस पाकिस्तान बुला लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स और बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय टीम के ड्रेसिंग रूम की गोपनीय जानकारी लीक होने और ऑनलाइन बेटिंग से जुड़ी कुछ गंभीर शिकायतों के बाद नेशनल साइबर क्राइम सेल (NCCA) ने इस मामले की जांच शुरू की थी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि दौरे पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों खिलाड़ियों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए थे जो फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए थे। इस हाई-प्रोफाइल जांच के दायरे में आने के बाद से ही दोनों खिलाड़ियों का प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना संदिग्ध हो गया था और वे किसी भी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे।

मोहम्मद हफीज ने की पुष्टि, प्रेसिडेंट्स कप में करेंगे वापसी

मोहम्मद रिजवान को मिली इस पहली बड़ी राहत की आधिकारिक पुष्टि सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन्स लिमिटेड (SNGPL) के निदेशक और पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज ने की है। हफीज ने मीडिया को जानकारी दी कि उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के घरेलू क्रिकेट विभाग से एक आधिकारिक ईमेल प्राप्त हुआ है, जिसमें स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि रिजवान को प्रेसिडेंट्स कप फर्स्ट-क्लास टूर्नामेंट में खेलने की पूरी छूट दे दी गई है। इस मंजूरी के मिलने के बाद रिजवान एसएनजीपीएल टीम की कप्तानी संभालने और टीम के साथ जुड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। लॉर्ड्स टेस्ट के बाद से लगभग दो महीने से अधिक समय तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने वाले रिजवान के लिए मैदान पर वापसी का यह रास्ता बेहद अहम माना जा रहा है।

एनसीसीए की जांच अभी भी जारी, लेकिन बोर्ड ने दी सशर्त छूट

हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मोहम्मद रिजवान को घरेलू क्रिकेट खेलने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनके ऊपर चल रहे कानूनी या आंतरिक जांच के सिलसिले पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। नेशनल साइबर क्राइम सेल द्वारा इस पूरे मामले की फाइलों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच अभी भी जारी है। रिजवान इस बीच जांच अधिकारियों के सामने पूछताछ के लिए भी पेश हो चुके हैं। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि चूंकि जांच प्रक्रिया लंबी चल सकती है, इसलिए बोर्ड ने खिलाड़ी के पेशेवर करियर और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उन्हें घरेलू सर्किट में खेलने की यह सशर्त छूट दी है ताकि वे अपनी फॉर्म और लय को बरकरार रख सकें।

नेपाल प्रीमियर लीग के एनओसी पर अभी भी असमंजस बरकरार

घरेलू क्रिकेट में वापसी की अनुमति मिलने के बाद जहां एक तरफ मोहम्मद रिजवान ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ उनके विदेशी लीग में खेलने के रास्ते फिलहाल साफ नहीं हुए हैं। हाल ही में रिजवान ने नेपाल प्रीमियर लीग (NPL) में किसी फ्रेंचाइजी से जुड़ने के लिए पीसीबी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की थी। लेकिन बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि जब तक देश के भीतर घरेलू टूर्नामेंट चल रहे हैं, तब तक पीसीबी किसी भी खिलाड़ी को विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति देने को लेकर ज्यादा उत्सुक नहीं है। बहरहाल, घरेलू क्रिकेट में वापसी से रिजवान को अपनी फिटनेस साबित करने का बड़ा मंच मिल गया है और देश की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि साइबर सेल की जांच का अंतिम निष्कर्ष क्या निकलता है।