अनिल अग्रवाल की वेदांता देगी 5 रुपये का डिविडेंड, आज आखिरी मौका
भारतीय शेयर बाजार में कमोडिटी और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) के निवेशकों के लिए एक बार फिर बड़ी और अहम खबर सामने आई है। देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) की इस प्रमुख कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए बंपर डिविडेंड (Dividend) का ऐलान किया है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष के दौरान निवेशकों को प्रति शेयर 5 रुपये का भारी-भरकम लाभांश देने का फैसला किया है। शेयर बाजार में जब भी कोई कंपनी इस तरह के बड़े डिविडेंड का ऐलान करती है, तो निवेशकों में एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। लेकिन इस बार इस डिविडेंड की घोषणा के साथ-साथ वेदांता के शेयरों में एक अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है, जहां एक तरफ लाभांश की खुशी है, तो दूसरी तरफ शेयर की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता भी बढ़ा दी है।
क्या है रिकॉर्ड डेट और आज क्यों है खरीदारी का आखिरी मौका?
किसी भी कंपनी के डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को एक्सचेंज द्वारा तय की गई 'रिकॉर्ड डेट' (Record Date) और 'एक्स-डिविडेंड डेट' (Ex-Dividend Date) के नियमों को समझना बेहद जरूरी होता है। वेदांता लिमिटेड द्वारा घोषित इस 5 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड को पाने के लिए शेयर बाजार के नियमों के अनुसार निवेशकों के पास आज का दिन यानी रिकॉर्ड डेट से ठीक पहले शेयर खरीदने का आखिरी मौका है। यदि कोई निवेशक आज ट्रेडिंग सत्र के दौरान वेदांता के शेयर अपने डीमैट अकाउंट में खरीद लेता है, तो उसका नाम कंपनी के रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज हो जाएगा और वह इस लाभांश का हकदार बन जाएगा। एक्स-डिविडेंड तारीख के बाद शेयर खरीदने वाले निवेशकों को इस विशेष डिविडेंड का लाभ नहीं मिल पाता है, यही वजह है कि आज के कारोबारी सत्र में इस काउंटर पर निवेशकों और ट्रेडर्स की खास नजर बनी हुई है।
डिविडेंड के ऐलान के बावजूद वेदांता के शेयरों में क्यों आई बड़ी गिरावट?
आम तौर पर जब कोई कंपनी डिविडेंड घोषित करती है, तो उसके शेयरों में तेजी देखने को मिलती है, लेकिन वेदांता के मामले में ठीक इसके विपरीत स्थिति नजर आई है। रिकॉर्ड डेट और अंतिम मौके के करीब आते ही वेदांता के शेयरों में बाजार की बिकवाली के दबाव के चलते बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। कमोडिटी बाजार में मेटल और जिंक के दामों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक बाजारों का रुख और कंपनी के कुल कर्ज तथा वित्तीय सेहत को लेकर निवेशकों की अलग-अलग राय इस गिरावट का मुख्य कारण बन रही है। इसके अलावा, कई बार निवेशक डिविडेंड मिलने के ठीक पहले मुनाफावसूली (Profit Booking) करने के लिए अपने शेयर बेच देते हैं, जिससे भी शॉर्ट-टर्म में स्टॉक की कीमत नीचे आ जाती है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह, क्या इस गिरावट में दांव लगाना चाहिए?
शेयर बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि वेदांता हमेशा से अपने उच्च डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) के लिए जानी जाती है और अनिल अग्रवाल की यह कंपनी अपने निवेशकों को समय-समय पर मालामाल करने के लिए बड़े डिविडेंड देती रही है। जो निवेशक लॉन्ग-टर्म (Long-term) के नजरिए से निवेश करना पसंद करते हैं, उनके लिए यह गिरावट एक बढ़िया खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को मेटल सेक्टर के उतार-चढ़ाव और ग्लोबल मार्केट के ट्रेंड्स को ध्यान में रखकर ही कोई भी फैसला लेना चाहिए। कुल मिलाकर, 5 रुपये के इस डिविडेंड और शेयर में आई इस बड़ी गिरावट के बीच वेदांता का यह स्टॉक इस समय दलाल स्ट्रीट पर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।