ग्लोबल संकेतों के दम पर सोने में लौटी तेजी, सोना 1.48 लाख के पार; चांदी भी मजबूत
अंतर्राष्ट्रीय bullion बाजार में चल रही उथल-पुथल और मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में एक बार फिर सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। घरेलू और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश के रूप में निवेशकों की भारी मांग के चलते सोना अपनी रिकॉर्डतोड़ रफ्तार जारी रखते हुए 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर गया है। वहीं दूसरी ओर, औद्योगिक मांग और निवेशकों के बढ़ते रुझान के कारण चांदी के तेवर भी काफी मजबूत बने हुए हैं, जिससे कीमती धातुओं के बाजार में एक बार फिर खरीदारों के बीच हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के कारण कमोडिटी मार्केट में यह तेजी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत बूस्ट, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमका पीला धातु
इस सप्ताह वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक (US Dollar Index) में कमजोरी और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने निवेशकों को सोने की तरफ आकर्षित किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) की कीमतें नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, जिसका सीधा असर भारत के घरेलू कमोडिटी एक्सचेंजों जैसे एमसीएक्स (MCX) और स्थानीय सर्राफा बाजारों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा, दुनिया भर के बड़े निवेशक शेयर बाजार के जोखिमों से बचने के लिए सोने को सबसे सुरक्षित आस्तियों के रूप में चुन रहे हैं, जिससे इसके भाव लगातार आसमान छू रहे हैं।
शादियों के सीजन और त्योहारी मांग का घरेलू बाजार पर असर, चांदी में भी लिवाली तेज
भारत के स्थानीय बाजारों में सोने के दाम 1.48 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार करने के बावजूद ग्राहकों और निवेशकों में सोने के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है। आने वाले विवाह सीजन और त्योहारी खरीदारी को ध्यान में रखते हुए आभूषण विक्रेता (Jewellers) और खुदरा खरीदार लगातार खरीदारी कर रहे हैं। सोने के साथ-साथ चांदी की औद्योगिक मांग भी मजबूत बनी हुई है, जिससे चांदी के भाव भी ऊंचे स्तर पर टिके हुए हैं। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चांदी के बढ़ते उपयोग के कारण वैश्विक स्तर पर इसकी मांग लगातार आपूर्ति से अधिक बनी हुई है, जिसके चलते चांदी के दामों में भी स्थिरता के साथ मजबूती दर्ज की जा रही है।
विशेषज्ञों की राय: क्या आगे और महंगे होंगे सोना और चांदी? जानिए मार्केट आउटलुक
वित्तीय मामलों और कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी भी मुद्रास्फीति (Inflation) और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई जोखिम बने हुए हैं। ऐसे में सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का आकर्षण और अधिक बढ़ने की पूरी उम्मीद है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की हर गिरावट पर सोने और चांदी में धीरे-धीरे निवेश (SIP Model in Gold) कर सकते हैं, क्योंकि लंबी अवधि के नजरिए से यह निवेश काफी सुरक्षित और फायदेमंद साबित हो रहा है। हालांकि, जानकारों का यह भी सुझाव है कि चूंकि कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) से बचने के लिए एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय समझदारी से निवेश करें।
निवेशकों के लिए सुनहरा मौका या सावधानी बरतने की जरूरत? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह
सोने के 1.48 लाख के पार जाने और चांदी में लगातार बनी तेजी ने निवेशकों को असमंजस में भी डाल दिया है कि क्या यह भाव और ऊपर जाएंगे या मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण इनमें कुछ गिरावट आ सकती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है, तब तक सोने-चांदी के बड़े पतन की कोई संभावना नहीं है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा कीमती धातुओं में रखना चाहिए ताकि वित्तीय सुरक्षा बनी रहे। सर्राफा बाजारों में इस समय ग्राहकों की रौनक देखते ही बन रही है और आने वाले दिनों में यह तेजी बाजार की चाल तय करती रहेगी।