शेयर बाजार में फिर आएगी तेजी, दिसंबर तक 25000 अंक पर पहुंचेगा निफ्टी; सेंसेक्स का क्या रहेगा हाल?
भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के निवेशकों के लिए आने वाले महीने बेहद उत्साहजनक और राहत भरे साबित होने की पूरी उम्मीद है। पिछले कुछ समय से बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव और सुस्ती के बीच वित्तीय बाजारों के दिग्गज विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्मों ने एक बेहद सकारात्मक भविष्यवाणी की है। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि त्योहारी सीजन की शुरुआत और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की वापसी के दम पर आगामी दिसंबर तक बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 (Nifty 50) एक बार फिर नई ऊंचाइयों को छूते हुए 25,000 अंकों के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर जाएगा। इस शानदार तेजी के अनुमान ने निवेशकों के डूबते हुए भरोसे को एक बार फिर मजबूत कर दिया है और बाजार में नए सिरे से लिवाली का दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।
घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी और कॉरपोरेट सेक्टर के शानदार नतीजे
शेयर बाजार में इस संभावित जोरदार तेजी के पीछे देश की अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी ढांचे (Strong Fundamentals) और कंपनियों के तिमाही नतीजों को मुख्य वजह बताया जा रहा है। भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही देश के बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और एफएमसीजी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के वित्तीय परिणाम उम्मीद से बेहतर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जब देश की बड़ी कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है और घरेलू निवेशकों का म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) के जरिए लगातार भारी निवेश आ रहा है, तो बाजार के इंडेक्स को ऊपर जाने से कोई नहीं रोक सकता। खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।
सेंसेक्स की चाल पर विशेषज्ञों की राय, जानिए कहां तक पहुंच सकता है बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
जिस तरह निफ्टी के 25,000 के स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है, ठीक उसी तरह देश का प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) भी नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला जारी रहता है, तो सेंसेक्स भी अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़कर एक नए शिखर को छुएगा। लार्ज कैप (Large Cap) शेयरों में निवेशकों की लिवाली लगातार बढ़ रही है, जिससे सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों को जबरदस्त सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, बाजार के जानकारों का यह भी सुझाव है कि निवेशकों को चुनिंदा और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए।
वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियां और एफआईआई की भूमिका: क्या हैं जोखिम?
भले ही बाजार को लेकर अनुमान बेहद सकारात्मक हैं, लेकिन निवेशकों को वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, मिडिल ईस्ट के हालात और अमेरिकी चुनावों या आर्थिक नीतियों से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पिछले कुछ महीनों में विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा की गई बिकवाली के कारण बाजार में दबाव देखा गया था, लेकिन अब भारतीय बाजार के मजबूत वैल्यूएशन को देखते हुए विदेशी निवेशकों का रुझान फिर से सकारात्मक हो रहा है। इसके अलावा, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने हर बड़ी गिरावट पर बाजार को मजबूत सहारा दिया है, जिससे मंदी की आशंकाएं पूरी तरह से बेमानी साबित हुई हैं।
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह: किस रणनीति के साथ करें निवेश?
दिसंबर तक निफ्टी के 25,000 अंक तक पहुंचने की संभावनाओं के बीच वित्तीय विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे बाजार में लॉन्ग-देन (Long-Term) नजरिए के साथ निवेश करें। एकमुश्त (Lump sum) पैसा लगाने के बजाय सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) के जरिए क्वालिटी शेयरों और डायवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना सबसे सुरक्षित और फायदेमंद तरीका माना जा रहा है। त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही खपत (Consumption) में तेजी आने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा रिटेल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों को मिलेगा। यदि आप भी शेयर बाजार में मुनाफा कमाने की सोच रहे हैं, तो यह समय अपनी पोर्टफोलियो को मजबूत करने और अच्छी कंपनियों के शेयर चुनिंदा तरीके से चुनने का सबसे सही अवसर हो सकता है।
Nifty 50 Outlook and Year-End Target
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी की इस चाल में सबसे बड़ा योगदान उन सेक्टर्स का होगा जो घरेलू खपत और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े हैं। सरकार द्वारा कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) पर लगातार दिए जा रहे जोर के कारण सीमेंट, स्टील, कैपिटल गुड्स और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को यह सलाह दी जाती है कि वे शॉर्ट-कट या टिप्स के भरोसे ट्रेडिंग करने के बजाय मजबूत बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों पर भरोसा रखें, ताकि आने वाले महीनों में मिलने वाली इस बड़ी तेजी का पूरा फायदा उठाया जा सके।