Prabhat Vaibhav,Digital Desk : कैंसर आज दुनिया की सबसे भयावह बीमारियों में से एक बन चुका है। हाल ही में रायपुर के वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. जयेश शर्मा ने एक पॉडकास्ट में भारत में कैंसर की बदलती स्थिति पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. शर्मा के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारतीयों की जीवनशैली में आए बदलाव ने कैंसर के ग्राफ को पूरी तरह बदल दिया है। जो बीमारियां पहले कम थीं, वे अब घर-घर पहुंच रही हैं।
महिलाओं में बदला समीकरण: सर्वाइकल को पीछे छोड़ ब्रेस्ट कैंसर नंबर-1
डॉ. शर्मा बताते हैं कि कुछ साल पहले तक भारतीय महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे आम था, लेकिन अब स्तन कैंसर (Breast Cancer) पहले स्थान पर आ गया है। इसके पीछे मुख्य कारण शहरी जीवनशैली, बढ़ती उम्र, मोटापा और स्तनपान में कमी को माना जा रहा है। स्तन कैंसर अब केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुषों में भी इसके मामले देखे जा रहे हैं। नियमित मैमोग्राफी और स्व-जांच (Self-examination) से इस पर काबू पाया जा सकता है।
तंबाकू की लत ने बनाया 'ओरल कैंसर' का गढ़
भारत में मुंह का कैंसर (Oral Cancer) दूसरे नंबर पर है और इसका सबसे बड़ा कारण तंबाकू, गुटखा और पान चबाने की घातक आदत है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में तंबाकू का बढ़ता प्रचलन युवाओं को इस जानलेवा बीमारी की ओर धकेल रहा है। इसके अलावा, धूम्रपान की वजह से फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) चौथे स्थान पर बना हुआ है।
शहरी खान-पान और कोलोन कैंसर का खतरा
एक और चिंताजनक ट्रेंड कोलोन कैंसर (आंत का कैंसर) में देखने को मिल रहा है, जो पांचवें नंबर पर है। डॉ. शर्मा के अनुसार, शहरी भारत में कम फाइबर वाला आहार, प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन, शारीरिक निष्क्रियता और चयापचय संबंधी समस्याएं इस कैंसर को बढ़ावा दे रही हैं। वहीं, सर्वाइकल कैंसर तीसरे स्थान पर है, जिसे एचपीवी (HPV) टीकाकरण और नियमित जांच के जरिए रोका जा सकता है।
इन 5 श्रेणियों में बांटा गया है कैंसर
कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार, कोशिकाओं के आधार पर कैंसर को मुख्य रूप से पांच श्रेणियों में समझा जा सकता है:
कार्सिनोमा: त्वचा या आंतरिक अंगों की परत से शुरू होने वाला कैंसर।
सारकोमा: हड्डी, मांसपेशियों या रक्त वाहिकाओं जैसे ऊतकों को प्रभावित करने वाला।
ल्यूकेमिया: रक्त बनाने वाले ऊतकों और सफेद रक्त कोशिकाओं का कैंसर।
लिंफोमा और मायलोमा: जो सीधे इम्यून सिस्टम पर हमला करते हैं।
CNS कैंसर: मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करने वाला कैंसर।
कैंसर सिर्फ 'इत्तेफाक' नहीं, हमारी गलतियां हैं जिम्मेदार
विशेषज्ञों का साफ कहना है कि कैंसर पूरी तरह आकस्मिक नहीं है। आनुवंशिक कारकों के अलावा, हमारा पर्यावरण और दैनिक आदतें 70-80% जिम्मेदार होती हैं। शराब का सेवन, असंतुलित आहार, मोटापा और व्यायाम की कमी शरीर में दीर्घकालिक सूजन पैदा करती है, जो आगे चलकर कैंसर कोशिकाओं को जन्म देती है।




