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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : चैत्र नवरात्रि 2026 का पावन पर्व दस्तक देने वाला है। हिंदू धर्म में मां दुर्गा की आराधना का यह उत्सव बहुत ही पवित्र माना जाता है। भक्त नौ दिनों तक मां के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के भोग लगाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनजाने में चढ़ाया गया एक गलत फल आपकी पूरी पूजा को निष्फल कर सकता है? शास्त्र सम्मत मान्यताओं के अनुसार, भगवती दुर्गा की पूजा में कुछ विशेष फलों और भोग की वस्तुओं को वर्जित माना गया है। यदि आप भी इस नवरात्रि अखंड ज्योति जला रहे हैं और व्रत रख रहे हैं, तो इन जरूरी नियमों को जान लेना बेहद आवश्यक है।

भूलकर भी न अर्पित करें ये फल, शास्त्रों में है मनाही

नवरात्रि की पूजा में शुद्धता और सात्विकता का विशेष महत्व है। ज्योतिषियों और धर्माचार्यों के अनुसार, मां दुर्गा को कभी भी 'कनेल' का फल या 'बिही' (अमरूद) जैसे फल नहीं चढ़ाने चाहिए। इसके अलावा, ऐसे फल जो अंदर से खराब हों या जिनका ऊपरी हिस्सा कटा-फटा हो, उन्हें भूलकर भी माता के दरबार में न रखें। मां को खट्टे फल अर्पित करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि देवी की सौम्य और उग्र दोनों ही पूजा में मधुर (मीठे) और ताजे फलों को ही प्राथमिकता दी जाती है। नारियल चढ़ाते समय भी इस बात का ध्यान रखें कि वह जटा वाला और पानी से भरा होना चाहिए, सूखा या चटका हुआ नारियल अशुभ माना जाता है।

मां दुर्गा की पूजा और भोग से जुड़े ये हैं विशेष नियम

नवरात्रि के दौरान केवल फलों का चुनाव ही नहीं, बल्कि भोग लगाने का तरीका भी आपकी साधना को सफल बनाता है। मां को हमेशा तांबे या पीतल के बर्तनों में ही भोग अर्पित करें। यदि आप हलवा या पूरी का भोग लगा रहे हैं, तो उसमें शुद्ध देशी घी का ही प्रयोग होना चाहिए। विशेष ध्यान रहे कि देवी को अर्पित किया जाने वाला नैवेद्य जूठा न हो और न ही उसे चखा गया हो। साथ ही, पूजा के समय लहसुन और प्याज का घर में प्रवेश पूरी तरह वर्जित होता है। सात्विक भोजन और मन की शुद्धता ही मां अंबे के आशीर्वाद को प्राप्त करने का एकमात्र मार्ग है।

मनोकामना पूर्ति के लिए किस दिन कौन सा लगाएं भोग?

हर दिन के अनुसार मां के अलग स्वरूप को प्रिय भोग लगाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। जैसे मां शैलपुत्री को गाय का शुद्ध घी, मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर और मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि ऋतु फल यानी मौसम के अनुसार मिलने वाले ताजे फल ही मां को प्रिय होते हैं। यदि आप अपनी राशि और मां के स्वरूप के अनुसार सही फल और भोग का चयन करते हैं, तो घर में सुख-समृद्धि और आरोग्य का वास होता है। इस नवरात्रि इन नियमों का पालन कर आप भी जगदंबा की असीम कृपा के पात्र बन सकते हैं।