Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सिटी ब्यूटीफुल के पार्किंग नियमों में हाल ही में किए गए बदलावों ने शहर के टैक्सी चालकों और कमर्शियल वाहन स्वामियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ टैक्सी यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन का कहना है कि नए नियम न केवल अव्यावहारिक हैं, बल्कि टैक्सी चालकों पर भारी आर्थिक बोझ भी डाल रहे हैं। सोमवार को टैक्सी यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर से मिला और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
28 रुपये पार्किंग शुल्क पर भारी विरोध, 20 मिनट की छूट की मांग
टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विक्रम सिंह पुंडीर ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि वर्तमान में कमर्शियल गाड़ियों (टैक्सी कैब) से 28 रुपये पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है, जो सरासर गलत है। यूनियन की प्रमुख मांग है कि शहर की पार्किंग्स में 'पिक एंड ड्रॉप' (Pick and Drop) की सुविधा को पूरी तरह निशुल्क किया जाए। इसके साथ ही, कम से कम 20 मिनट की मुफ्त पार्किंग की छूट दी जाए, ताकि यात्रियों को बैठाने या उतारने के दौरान चालकों पर बेवजह आर्थिक दंड न लगे।
गवर्नर की मंजूरी के बावजूद नियम लागू न होने पर उठाए सवाल
यूनियन अध्यक्ष पुंडीर ने एक महत्वपूर्ण तथ्य उजागर करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में ही माननीय गवर्नर द्वारा इस संबंध में (फ्री पार्किंग स्लॉट) स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन इस निर्णय को लागू करने में आनाकानी कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्सी चालकों से डबल रेट वसूलना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। चालकों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में पार्किंग का यह अतिरिक्त बोझ उनकी आजीविका पर संकट खड़ा कर रहा है।
500 रुपये मासिक शुल्क ने बढ़ाई टेंशन
नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि अब प्राइवेट गाड़ियों के साथ-साथ टैक्सी चालकों के लिए भी 500 रुपये मासिक पार्किंग शुल्क अनिवार्य कर दिया गया है। यूनियन ने इस मासिक पास व्यवस्था को भी 'अतिरिक्त बोझ' करार दिया है। टैक्सी चालकों का तर्क है कि वे दिन भर में शहर की कई अलग-अलग पार्किंग्स में जाते हैं, ऐसे में यह शुल्क व्यवस्था न्यायसंगत नहीं है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।




