Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच अब भारत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी तनाव की आग अब व्यापारिक जहाजों तक पहुंच गई है। बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी सेना द्वारा किए गए एक घातक हमले में गुजरात के कांडला बंदरगाह आ रहे मालवाहक जहाज को निशाना बनाया गया। इस दर्दनाक हमले में जहाज पर सवार दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य भारतीय अभी भी लापता बताया जा रहा है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुजरात आ रहे 'मयूरी नारी' जहाज पर बरपा ईरानी कहर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाईलैंड का मालवाहक जहाज 'मयूरी नारी' (Mayuri Nari) अपनी निर्धारित यात्रा के तहत गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही यह जहाज रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा, ईरानी क्रांतिकारी गार्ड (IRGC) ने इस पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि हमला इतना भीषण था कि जहाज पर मौजूद चालक दल को संभलने का मौका तक नहीं मिला। विदेश मंत्रालय ने इस दुखद खबर की पुष्टि करते हुए मारे गए भारतीयों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
भारत का कड़ा रुख: 'व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बंद करे ईरान'
इस हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा कूटनीतिक रुख अख्तियार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस हमले की घोर निंदा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी संघर्ष के बीच निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। भारत ने चेतावनी दी है कि समुद्री मार्गों पर इस तरह की असुरक्षा वैश्विक व्यापार के लिए खतरा है और ईरान को ऐसे हमलों से तुरंत बचना चाहिए।
ईरान की सफाई: 'चेतावनी को नजरअंदाज करना पड़ा भारी'
दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले को सही ठहराते हुए अपना बचाव किया है। ईरानी नौसेना के कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से दावा किया कि 'मयूरी नारी' और एक अन्य लाइबेरियाई जहाज 'एक्सप्रेस रोम' ने ईरानी क्षेत्र में प्रवेश करते समय उनकी चेतावनियों को अनसुना कर दिया था। ईरान ने दो टूक कहा है कि अब इस क्षेत्र से गुजरने वाले किसी भी जहाज को ईरान से अनुमति लेनी होगी, वरना उन्हें अमेरिका या इजरायल का सहयोगी मानकर निशाना बनाया जाएगा।
ईरान में फंसे 9,000 भारतीयों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इस ताजा हमले ने ईरान में रह रहे करीब 9,000 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की नींद उड़ा दी है। युद्ध जैसे हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास लगातार वहां मौजूद भारतीयों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय ने पहले ही एक एडवाइजरी जारी कर भारतीयों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। हालांकि, समुद्री मार्ग पर हुए इस हमले के बाद अब वहां फंसे लोगों को वापस लाने की चुनौती और बढ़ गई है।




