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Prabhat Vaibhav,Digital Desk :  उत्तराखंड की राजनीति में आज उस वक्त बड़ा धमाका हुआ जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कैबिनेट विस्तार में हरिद्वार के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की धमाकेदार वापसी हुई। राजभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने मदन कौशिक को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। धर्मनगरी हरिद्वार से आने वाले कौशिक का नाम जैसे ही मंत्रिमंडल के लिए फाइनल हुआ, सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। चौथी बार मंत्री पद की शपथ लेकर मदन कौशिक ने साबित कर दिया है कि उत्तराखंड भाजपा में उनका कद आज भी उतना ही भारी है, जितना पहले हुआ करता था।

हरिद्वार के निर्विवाद नेता और संगठन में मजबूत पकड़

मदन कौशिक को उत्तराखंड भाजपा का 'सियासी चाणक्य' माना जाता है। हरिद्वार विधानसभा सीट से लगातार जीत दर्ज करने वाले कौशिक न केवल एक कुशल वक्ता हैं, बल्कि संगठन को एकजुट रखने की कला में भी माहिर हैं। इससे पहले वे प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और कई महत्वपूर्ण विभागों का अनुभव उनके पास है। धामी सरकार में उनकी एंट्री को आगामी चुनावों और मैदानी जिलों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी प्रशासनिक क्षमता और सदन के भीतर तार्किक बहस करने की शैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग खड़ा करती है।

चौथी बार मंत्री बनने का गौरव और अनुभव का लाभ

मदन कौशिक के राजनीतिक जीवन में यह चौथा अवसर है जब उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वे त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत सरकार में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। जानकारों का कहना है कि धामी सरकार को इस वक्त अनुभवी मंत्रियों की सख्त जरूरत थी, जो न केवल विकास योजनाओं को तेजी से लागू कर सकें, बल्कि विपक्ष के हमलों का भी करारा जवाब दे सकें। मदन कौशिक के पास शहरी विकास और संसदीय कार्य जैसे भारी-भरकम विभागों को संभालने का पुराना अनुभव है, जिसका सीधा फायदा उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार को मिलने वाला है।

धर्मनगरी में जश्न का माहौल और समर्थकों का उत्साह

जैसे ही देहरादून से मदन कौशिक के मंत्री बनने की आधिकारिक पुष्टि हुई, हरिद्वार की सड़कों पर समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। हर की पैड़ी से लेकर कनखल तक आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों की थाप सुनाई देने लगी। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। समर्थकों का मानना है कि कौशिक के मंत्री बनने से हरिद्वार के लंबित विकास कार्यों को गति मिलेगी और कुंभ नगरी का स्वरूप और अधिक निखरेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री धामी अपने इस सबसे अनुभवी सिपहसालार को कौन सा महत्वपूर्ण विभाग सौंपते हैं, ताकि उत्तराखंड के विकास को नई ऊंचाई दी जा सके।