Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए बड़ी घोषणा कर दी है। पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद रद्द की गई 'स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा' की नई तिथि का आधिकारिक ऐलान हो गया है। आयोग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, अब यह परीक्षा आगामी 17 मई को आयोजित की जाएगी। इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगी है जो लंबे समय से परीक्षा के दोबारा आयोजन का इंतजार कर रहे थे। आयोग ने साफ कर दिया है कि इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता के इतने कड़े इंतजाम होंगे कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।
पेपर लीक के दाग धोने के लिए आयोग की नई तैयारी
विवादों के घेरे में रही स्नातक स्तरीय परीक्षा को लेकर आयोग इस बार कोई जोखिम मोल लेने के मूड में नहीं है। पिछली बार की गलतियों से सबक लेते हुए UKSSSC ने परीक्षा केंद्रों के चयन से लेकर प्रश्नपत्रों की छपाई तक की प्रक्रिया में आमूल-चूल बदलाव किए हैं। आयोग के सचिव ने बताया कि 17 मई को होने वाली इस परीक्षा के लिए केवल सरकारी शिक्षण संस्थानों को ही केंद्र बनाया जाएगा। साथ ही, संवेदनशील केंद्रों पर जैमर और बायोमेट्रिक हाजिरी की अनिवार्य व्यवस्था रहेगी। नकल माफियाओं पर लगाम कसने के लिए एसटीएफ (STF) और स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट को भी सतर्क कर दिया गया है।
अभ्यर्थियों के लिए जारी होंगे नए एडमिट कार्ड
आयोग ने स्पष्ट किया है कि 17 मई की परीक्षा के लिए पुराने एडमिट कार्ड मान्य नहीं होंगे। अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से नए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने होंगे। वेबसाइट पर एडमिट कार्ड परीक्षा से ठीक 10 दिन पहले यानी 7 मई के आसपास उपलब्ध करा दिए जाएंगे। आयोग ने परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक पोर्टल पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें। गौरतलब है कि इस स्नातक स्तरीय परीक्षा के जरिए प्रदेश के विभिन्न विभागों में सैकड़ों रिक्त पदों को भरा जाना है, जिसके लिए लाखों युवाओं ने आवेदन किया है।
पारदर्शिता पर जोर, धांधली रोकने के लिए थ्री-लेयर चेकिंग
उत्तराखंड सरकार के कड़े नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद यह आयोग के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होगी। परीक्षा केंद्रों पर थ्री-लेयर चेकिंग की व्यवस्था की जा रही है। अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले गहन तलाशी से गुजरना होगा। किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ब्लूटूथ या संदिग्ध वस्तु के साथ पाए जाने पर अभ्यर्थी को न केवल परीक्षा से बाहर किया जाएगा, बल्कि उन पर आजीवन प्रतिबंध और जेल की सजा का प्रावधान भी होगा। आयोग का लक्ष्य है कि 17 मई को होने वाली यह परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और विवाद मुक्त हो, ताकि पात्र युवाओं को उनका हक मिल सके।
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