वजन घटाने और फिट रहने की होड़ में कहीं आप भी तो नहीं बन रहे हैं सलाद प्रेमी
आज के इस आधुनिक और फिटनेस-प्रेमी दौर में हर दूसरा इंसान खुद को स्लिम, ट्रिम और तंदुरुस्त रखने के लिए तरह-तरह के नुस्खे अपना रहा है। सोशल मीडिया से लेकर जिम तक हर जगह यही सलाह दी जाती है कि यदि वजन कम करना है और पेट को दुरुस्त रखना है, तो अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा सलाद, हरी कच्ची सब्जियां, फाइबर युक्त फल और ओट्स को शामिल करो। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि फाइबर (Dietary Fiber) हमारे शरीर और पाचन तंत्र के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है। लेकिन, क्या आपने कभी यह सोचा है कि किसी भी अच्छी चीज की अति भी जहर के समान हो सकती है? इन दिनों एक ट्रेंड सा बन गया है कि लोग सुबह से लेकर रात तक बस गाय की तरह लगातार सलाद और कच्चा फाइबर चबाते रहते हैं, यह सोचे बिना कि जरूरत से ज्यादा फाइबर उनके पेट का सत्यानाश कर सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को न्यौता दे सकता है।
आखिर शरीर को एक दिन में कितने फाइबर की होती है सही जरूरत?
फाइबर हमारी आंतों की सफाई करने, कब्ज को भगाने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप इसकी मात्रा को असीमित बढ़ा दें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और पोषण वैज्ञानिकों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क पुरुष को रोजाना लगभग 30 से 38 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है, जबकि महिलाओं के लिए यह मात्रा लगभग 21 से 25 ग्राम प्रतिदिन तय की गई है। जब लोग इस तय सीमा को पार करके अंधाधुंध तरीके से फाइबर का सेवन करने लगते हैं, तो उनका शरीर उस अतिरिक्त मात्रा को पचा नहीं पाता है। खासकर जब आप बिना सोचे-समझे कच्ची गाजर, मूली, ककड़ी, पत्तागोभी और भारी मात्रा में सलाद खाने लगते हैं, तो आपका पाचन तंत्र खतरे में पड़ जाता है।
ज्यादा फाइबर चबाने से पेट में जम सकता है कचरा और हो सकती हैं ये खतरनाक समस्याएं
जब आप जरूरत से ज्यादा फाइबर या कच्चा सलाद खाते हैं, तो इससे आंतों में गंभीर समस्याएं पैदा होने लगती हैं। सबसे पहले तो जरूरत से ज्यादा इनसोल्यूबल फाइबर (Insoluble Fiber) पेट में जाकर पानी को सोख लेता है, जिससे पेट फूलने (Bloating), भयंकर गैस, मरोड़ और एसिडिटी की समस्या शुरू हो जाती है। कई लोगों को लगता है कि सलाद खाने से कब्ज दूर होगी, लेकिन अत्यधिक फाइबर कई बार आंतों की गतिशीलता को इतना उलझा देता है कि मल त्यागने में भारी कठिनाई होने लगती है और कब्ज ठीक होने के बजाय और ज्यादा गंभीर रूप ले लेती है। इसके अलावा, कच्ची सब्जियों में मौजूद कुछ खास तत्व और बैक्टीरिया यदि ठीक से साफ न किए जाएं, तो वे पेट के अंदर संक्रमण और अल्सर का कारण भी बन सकते हैं।
शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण रुकना और मिनरल्स की भारी कमी
ज्यादा फाइबर खाने का एक और सबसे बड़ा और खतरनाक नुकसान यह है कि यह शरीर में दूसरे जरूरी पोषक तत्वों को सोखने की प्रक्रिया में रुकावट पैदा करता है। फाइबर के अणु अपने साथ कैल्शियम, आयरन, जिंक और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स को बांध लेते हैं, जिससे शरीर उन पोषक तत्वों का उपयोग नहीं कर पाता है। नतीजतन, भले ही आप कितना भी अच्छा खाना खा लें, आपके शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स की भारी कमी होने लगती है, जिससे आप कमजोरी, थकान और खून की कमी (Anemia) का शिकार हो सकते हैं। इसलिए, डाइट में सलाद खाना अच्छा है, लेकिन उसे अपनी मुख्य और एकमात्र खुराक बना लेना सेहत के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ साबित हो सकता है।
संतुलित आहार अपनाएं और पेट को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल
यदि आप वाकई अपने पेट को दुरुस्त रखना चाहते हैं और पाचन से जुड़ी किसी भी मुसीबत से बचना चाहते हैं, तो अति से हमेशा बचें। सलाद को अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं, लेकिन उसे अच्छी तरह से पकाकर, स्टीम करके या संतुलित मात्रा में ही खाएं। इसके साथ ही, दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है ताकि फाइबर आसानी से पच सके और आंतों में रुकावट पैदा न करे। सेहतमंद रहने का सबसे सही मूलमंत्र यही है कि किसी भी चीज का अंधाधुंध सेवन करने के बजाय शरीर की वास्तविक जरूरत को समझें और एक संतुलित, पौष्टिक तथा डॉक्टर या डाइटीशियन द्वारा सुझाई गई डाइट का ही पालन करें।